बौ बुट्टू भूटा को 12 जून 2025 से सिनेमाघरों में रिलीज किया गया था। ये एक उड़िया भाषा की फिल्म है। जहां कॉमेडी के साथ-साथ हॉरर और ड्रामा का मिश्रण भी देखने को मिलेगा। जिसके मुख्य कलाकारों में बाबूशान मोहंती, अपराजिता मोहंती, आरती साहू जैसे और भी सह कलाकार शामिल हैं।
बाबूशान और अपराजिता के कैरेक्टर को दर्शकों के द्वारा खूब पसंद किया जा रहा है। साथ ही कम बजट में उच्च कोटि के वीएफएक्स की भी यहां पर प्रशंसा की जा रही है। आइए जानते हैं आईएमडीबी पर 8.5 की रेटिंग पाने वाली “बौ बुट्टू भूटा” फिल्म के बारे में।
बौ बुट्टू भूटा रिव्यू

जहां एक ओर बॉलीवुड फिल्मों के क्रिएटिविटी लेवल दिन-ब-दिन नीचे की तरफ जाता दिखाई दे रहा है, तो वहीं रीजनल सिनेमा की फिल्मों में क्रिएटिविटी को बढ़ावा दिया जा रहा है। बॉलीवुड में साउथ फिल्म इंडस्ट्री के साथ-साथ अन्य फिल्म इंडस्ट्री की फिल्मों के रीमेक करके रिलीज किया जाता रहा है, तो वहीं रीजनल सिनेमा ऑरिजिनल कंटेंट के साथ कम बजट में छोटी फिल्मों को सिनेमाघरों पर उतारती है और बढ़िया कलेक्शन भी करके ले जाती है।
जहां एक ओर बॉलीवुड में सिकंदर, देव, बड़े मियां छोटे मियां जैसी बड़े बजट की फिल्में नीचे की ओर जा रही हैं, तो वहीं रीजनल फिल्में बॉलीवुड के मार्केट पर सीधा हाथ डालते दिखाई दे रही हैं। फिर वह चाहे मलयालम, तेलुगु, तमिल किसी भी फिल्म इंडस्ट्री की हो। ऐसी ही एक फिल्म उड़िया इंडस्ट्री से आई है जिसका नाम है बौ बुट्टू भूटा।
क्या खास है बौ बुट्टू भूटा में

बौ बुट्टू भूटा फिल्म की सफलता का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि इसने अपने पहले हफ्ते में ही 7 करोड़ का कलेक्शन कर लिया। अगर यही फिल्म हिंदी सिनेमाघरों में रिलीज की जाती, तो जिस तरह से इस फिल्म की कहानी है, उसे देखते हुए इसे जबरदस्त सपोर्ट मिलता।
बाबूशान मोहंती उड़िया फिल्मों को नैशनल लेवल पर लाने की कोशिश में लगे हैं। इससे पहले भी इनकी दमन नाम से शानदार उड़िया फिल्म आई थी। यहां एक ऐसे छोटे लड़के की कहानी को दिखाया गया है जिसकी मां लोगों पर आए हुए भूतों को जादू-टोना के माध्यम से भगाती है।
फिल्म की सबसे खास बात यह है कि कहानी में कैरेक्टर बाबूशान मोहंती की मां के कैरेक्टर को निभाने वाली अभिनेत्री असल जिंदगी में भी बाबूशान की मां ही हैं। बाबूशान मोहंती के सपने बहुत बड़े हैं और यह अपनी जिंदगी में बहुत ऊंचाइयों पर जाना चाहते हैं।
पर कहानी में ट्विस्ट उस समय आता है जब बाबूशान पर ही एक भूत का साया पड़ता है। कहानी को एक यूनिक वे में लेकर हल्के-फुल्के हंसी-मजाक के साथ दादी-नानी की कहानियों की तरह पेश किया गया है। यहां बेहद कम बजट में एक अच्छे हॉरर सीक्वेंस को दिखाया गया है, जिसे देखकर एक बात तो समझ आती है कि सिर्फ फिल्म का बड़ा बजट होना ही , उसे अच्छा नहीं बनाता, अच्छा बनाता है वह है स्क्रीनप्ले और कंटेंट।
टेक्निकल एस्पेक्ट
लस्क्रीनप्ले, कहानी, डायरेक्शन, बीजीएम, वीएफएक्स, सिनेमैटोग्राफी, कलर ग्रेडिंग हर एक चीज में यह फिल्म हंड्रेड पर्सेंट सफल रहती है। जिसे देखकर लगता है कि मेकर ने यहां पर खूब मेहनत की होगी। इसको कहा जाता है कम बजट में अच्छी क्रिएटिविटी के साथ किसी फिल्म को लाना। अगर ये फिल्म हिंदी डबिंग के साथ रिलीज हुई तो इसे भी दमन के जैसा ही दर्शकों के द्वारा खूब प्यार मिलेगा।
कैरेक्टर परफॉर्मेंस
बाबूशान मोहंती फिल्म में बिट्टू के किरदार में हैं और इस किरदार को इन्होंने सफलतापूर्वक निभाया है। इसकी जितनी भी तारीफ की जाए उतनी कम है। फिल्म के दूसरे हिस्से में जिस तरह से इन्होंने अपनी इमोशनल एक्टिंग से फिल्म के अंदर स्ट्रॉन्ग मौजूदगी दर्शाई है, इसकी जितनी भी तारीफ की जाए उतनी कम है। उधर अपराजिता मोहंती बौ के कैरेक्टर में दिखाई देती हैं, जो बिट्टू की मां के रूप में हैं।
इन्होंने अपनी एक्टिंग के माध्यम से हॉरर सीन को एक नया आयाम दिया, जो देखने से बिल्कुल रियल लगते हैं। इस तरह की परफॉर्मेंस को उनके करियर की अब तक की बेस्ट परफॉर्मेंस भी कहा जा सकता है। आरती साहू ने भी यहां पर अच्छा काम किया है। हल्के-फुल्के रोमांस के साथ प्यार भरी केमिस्ट्री को निभाने में यह पूरी तरह से सफल रही हैं।
निष्कर्ष
यह फिल्म हमारे चेहरे पर एक अलग सी खुशी लेकर आती है क्योंकि यहां हमें कुछ नया देखने को मिलता है। जिस तरह से उड़िया नई-नई फिल्मों को लेकर आ रहा है उसे देखकर तो ऐसा लग रहा है कि आने वाले 5 सालों में ये एक बड़ी पेन इंडिया फिल्म को लाने में कामयाब रहेगा। अभी यह फिल्म सिनेमाघरों में इंग्लिश सबटाइटल के साथ देखने को मिल जाएगी। मेरी तरफ से इसे दिए जाते हैं 5 में से 3.5 स्टार की रेटिंग।
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