स्टीव मैक्वीन की फिल्म एक ऐतिहासिक युद्ध ड्रामा फिल्म है। फिल्म एक छोटे बच्चे की कहानी को दिखाती है, जो लंदन की दुनिया में अपनी माँ को ढूंढने निकलता है। जिस समय पूरा शहर युद्ध की वजह से तबाह हो रहा है।
तब क्या यह फिल्म सचमुच एक प्रभावशाली अनुभव लेकर आती है। आइए, इसकी कहानी और थीम्स पर नजर डालते हैं। यह फिल्म कितना आपके समय को डिजर्व करती है, इन सब पर चर्चा करते हैं।
कहानी
फिल्म एक छोटे लड़के के बारे में है, जो अपनी माँ को ढूंढ रहा है। यह कहानी उस सफर और उसकी चिंता को दर्शाती है। जहां एक तरफ दुनिया खत्म होने की कगार पर है, वही दूसरी ओर एक छोटा बच्चा अपनी माँ को ढूंढने में लगा हुआ है। फिल्म के जरिए सिर्फ बच्चे की कहानी को ही नहीं, बल्कि समाज की कठिनाइयों को समझाने का भी मौका दिया गया है।
डायरेक्शन
स्टीव मैक्वीन का डायरेक्शन हमेशा से विजुअली और इमोशनली पावरफुल रहा है। इन्होंने युद्ध के दर्द और सामाजिक असर को दिखाने का प्रयास किया है, जो कि दर्शकों के दिलों पर गहरा असर छोड़ता है। स्टीव मैक्वीन ने फिल्म की डिटेलिंग पर बहुत गंभीरता से काम किया है। इन्होंने इसे एक कहानी तक ही सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे सामाजिक टिप्पणी की तरह पेश किया है।
कैरेक्टर परफॉर्मेंस
साओर्से रोनन ने अपने कैरेक्टर और एक्टिंग से एक अलग छाप छोड़ी है। इनका कैरेक्टर इतना रिलेटेबल और वास्तविक तरह से दिखाया गया है कि आप इनके कैरेक्टर के साथ जुड़ जाते हैं। फिल्म के दूसरे कैरेक्टर इलियट हेफर्नन ने भी बखूबी काम किया है। ये पूरी तरह से अपने कैरेक्टर में जुड़े पाए जाते हैं। इन्हें देखकर आपको ऐसा लगेगा कि आप इनकी कहानी में शामिल हैं।
फिल्म के सभी सपोर्टिंग कास्ट इम्प्रेसिव हैं। हर कैरेक्टर कहानी को परफेक्ट और गहरा बनाता है। कुछ कैरेक्टर बहुत छोटे होने के बावजूद भी आपको एक अलग फीलिंग देते हैं।
सिनेमाटोग्राफी
फिल्म की सिनेमाटोग्राफी में योरिक ले सॉ ने लंदन के उस समय को अच्छे से दर्शाया है। हर एक फ्रेम में कहानी दिखाई देती है और इसके विजुअल्स आपको यह फील कराते हैं कि आप उस समय लंदन में ही हैं। युद्ध के दृश्यों को बहुत डरावने अंदाज में पेश किया गया है। उन्हें देखकर आपको इंसानियत का वहशी चेहरा देखने को मिलता है।
म्यूजिक
फिल्म का म्यूजिक हंस जिमर ने दिया है। म्यूजिक का इस्तेमाल सिर्फ बैकग्राउंड के लिए नहीं किया गया है, बल्कि इसका इस्तेमाल फिल्म को और गहरा बनाने के लिए किया गया है।
ब्लिट्ज के बारे में
यह फिल्म सिर्फ एक युद्ध ड्रामा नहीं है, बल्कि यह कहानी है बचपन, दर्द और उम्मीद की। फिल्म में फैमिली, लव और सर्वाइवल को बेहद खूबसूरती के साथ दिखाया गया है। फिल्म का संदेश यही है कि कैसे एक छोटी सी उम्मीद सब कुछ बदल कर रख सकती है। बच्चे के नजरिए से कहानी देखना हमें एक यूनिक अनुभव देता है।
क्रिटिक्स की तरफ से इसे अच्छी रेटिंग दी गई है। कहानी कहीं-कहीं पर थोड़ी धीमी हो जाती है। फिर भी यह फिल्म आपके समय को डिजर्व करती है।
निष्कर्ष
फिल्म का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट इसका इमोशनल होना है। फिल्म आपको हर एक कैरेक्टर से जुड़ाव महसूस कराती है। फिल्म की लंबाई बस थोड़ी ज्यादा है। अगर आपको प्रभावशाली सिनेमा देखना अच्छा लगता है, जो आपको सोचने पर मजबूर कर दे, तो ब्लिट्ज आपके लिए एक शानदार फिल्म है। फिल्म का दर्द और उम्मीद आपको कुछ अलग सोचने पर मजबूर करता है।
हमारी तरफ से इस फिल्म को पांच में से तीन स्टार दिए जाते हैं।
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