1993 की फिल्म जो भारत और जापान द्वारा सह-निर्मित एक एनिमेटेड फिल्म है और यह फिल्म 1997 में हिंदी डब में पहले ही रिलीज भी हो चुकी है। फिल्म के मुख्य कलाकारों में अमरीश पुरी,शत्रुघ्न सिन्हा, अरुण गोविल आदि जैसे बेहतरीन कलाकारों के नाम फिल्म की कास्ट में शामिल थे।
अब इस फिल्म को न्यू वॉइस कास्ट के साथ डब करके थिएटर्स में रि-रिलीज किया गया है। सालों पुरानी इस फिल्म को रिलीज करने के पीछे आखिर मेकर्स की क्या स्ट्रेटजी है यह तो समझ के बाहर है। फिल्म की रि-रिलीज तो ठीक है लेकिन जब यह फिल्म पहले से ही हिंदी डब्ड में थी तो फिल्म को नई वॉइस कास्ट के साथ रिलीज करने के पीछे आखिर क्या मकसद है।
फैन्स के इन सवालों का जवाब मेकर्स ने एक पोस्ट शेयर करके दिया है जिसमें पुरानी हिंदी डब्ड वॉइस ना यूज करने के लिए कुछ जिम्मेदार तत्वों को सामने रखा है। आइये जानते हैं क्या है कारण –
पुरानी हिंदी डब रामायण को रि-रिलीज ना कर के नई हिंदी डब करने का पहला रीजन मेकर्स ने बताया कि 1997 की हिंदी डब की गई रामायण दूसरे प्रोडक्शन हाउस में आती है जिसकी वजह से उसे रि-रिलीज नहीं किया जा सका।
दूसरा कारण बताया कि हिंदी डब की मास्टर फाइल डैमेज हो गई है जिसकी वजह से उसे इस बार की रिलीज में यूज नहीं किया जा सका।
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि वॉइस भले ही मेकर्स ने पुरानी ना यूज की हो लेकिन फिल्म में आपको म्यूजिक, साउंड इफेक्ट और गाने पुराने ही सुनाई देंगे।
अब की ज्यादातर ऑडियंस ने इसकी ओरिजिनल हिंदी डब सुनी भी नहीं होगी तो उनके लिए अच्छा है, एकदम नया एक्सपीरियंस होगा जिसकी वजह से इसकी हिंदी डब को जज भी नहीं किया जा सकेगा।
क्यों देखनी चाहिए यह फिल्म?
अगर आप एक भारतीय हैं और आपको रामायण से जुड़ी गाथा को देखना है जिसमें राम के जीवन का वर्णन किया गया हो तो आप इस फिल्म को एक बार जरूर ट्राई कर सकते हैं। जिसे बहुत अच्छे एनीमेशन और मीनिंगफुल डायलॉग के साथ बनाया गया है। यह फिल्म आज की जनरेशन को एक बार जरूर देखनी चाहिए ताकि भारतीय देवी इतिहास आज की जनरेशन बहुत अच्छे और करीब से जान सके।
इस फिल्म का रनिंग टाइम 2 घंटा 15 मिनट का है और जाहिर सी बात है कि इतने समय में पूरी रामायण को तो नहीं दिखाया जा सकता है इसलिए इस फिल्म में आपको राम के जीवन के वनवास को, सीता हरण को और उसके बाद रावण वध को दिखाया गया है।
बहुत से इम्पोर्टेंट सीन्स को इस फिल्म में मिस भी किया गया है जैसे सीता के स्वयंवर के समय जब श्री राम जी धनुष तोड़ देते हैं तो उस समय फिल्म में परशुराम जी की अनुपस्थिति भी आपको फील होगी।
आदि पुरुष के कंपैरिजन में है बेस्ट-
32 साल पहले रिलीज हुई इस फिल्म को अगर आप इस समय की आदिपुरुष से कंपेयर करेंगे तो यह फिर आपको ज्यादा अच्छी लगने वाली है। आदि पुरुष और रामायण के नाम पर सिर्फ असंतुष्ट करने वाली कहानी दिखाती है। वही आपको 32 साल पहले रिलीज हुई इस रामायण से जुड़ी ज्यादा संतुष्टि देने वाली कहानी देखने को मिलेगी। एनिमेशन में बनी यह फिल्म आपको पसंद आने वाली है जिसे आप एक बार एक भारतीय होने के नाते जरूर ट्राई कर सकते हैं।
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