राजू जेम्स बांड कन्नड़ भाषा की एक रोमांटिक एक्शन फिल्म है। इसकी लेंथ की बात करे तो यह दो घंटे दस मिनट की है।
राजू जेम्स बॉन्ड (गुरुनंदन )का सपना है के वो बैंक का मैनेजर बने जिसकी वजह यह है,के इसकी माँ की सारी जमीन जायदाद बैंक के कर्ज़े में है।राजू के माँ बाप अब इस दुनिया में नहीं है राजू को अपना क़र्ज़ चुकाना है और पिता के द्वारा किये गए वादे को पूरा करना है।
कुछ समय के बाद राजू की ज़िंदगी में आती है एक लड़की (मृदुला )जो की एक टीचर है राजू इससे प्यार करने लगता है। तभी विलेन के रूप में एमएलए देखने को मिलता है। राजू के अच्युत कुमार और चिक्कन्ना दो दोस्त है अब राजू अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसी बैंक को लूटने का प्लान बनाता है
जहा इसकी प्रापर्टी गिरवी रक्खी है। अब यह सीधी साधी कहानी डकैती का रूप ले लेती है।आगे कहानी में बहुत से ट्विस्ट और टर्न देखने को मिलते है जिसको जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी होगी।
बजट कम होने की वजह से कहानी काफी पुरानी लगती है जैसा की हम आज से दस साल पहले साऊथ की फिल्मे देखा करते थे। जहा इंटरवल का सीन निराश करता है तो वही फिल्म का कलाइमेक्स शानदार है जो इसकी अगली पिछली गलतियों को माफ़ कर देता है।
पूरी कहानी कही से भी बोर नहीं करती, शुरू से लेकर आखिर तक पूरी तरह से बांधे रखती है 14 फ़रवरी को इसे रिलीज़ किया गया था बजट को देखते हुए काफी अच्छी तरह से इसे प्रजेंट किया गया है। अभी यह हिंदी में उपलब्ध नहीं है सिर्फ कन्नड़ में ही रिलीज़ की गयी है। एक बार टाइम पास के लिए इस फिल्म को देखा जा सकता है। फ़िल्मी ड्रिप की ओर से इसे दिए जाते है 2/5 स्टार।
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