खौफ को अमेजॉन प्राइम पर 18 अप्रैल 2025 से रिलीज कर दिया गया है या एक सस्पेंस हॉरर ड्रामा सीरीज है शो में टोटल 8 एपिसोड देखने को मिलते हैं इन आठ एपिसोड की लेंथ लगभग 40 से 45 मिनट के बीच की है।इसकी प्रोडक्शन क्वालिटी काफी शानदार है।
सीरीज़ मे दिल्ली के हॉस्टल की हॉरर कहानी दिखाई गई है। इस हॉस्टल में कुछ पैरानॉर्मल एक्टिविटीज देखने को मिलती है।आईए जानते हैं कैसी है सीरीज क्या आपको अपना कीमती वक्त इस शो को देना चाहिए या नहीं। कितनी यह सीरीज आपके दिलों में खौफ को लाने में कामयाब रही है ?
कहानी
हिंदी सीरीज में इस बार कुछ हटके हॉरर को पेश किया गया है।कहानी यहां मधु की दिखाई गई है जो ग्वालियर से दिल्ली जिंदगी की एक नई शुरुआत के सपने को लेकर आती है। मधु के पास बहुत ज्यादा पैसा ना होने के कारण इसे एक सस्ता हॉस्टल लेना पड़ता है। इस हॉस्टल में वह एक औरत के साथ रहने लगती है पर उसे नहीं पता था कि यह हॉस्टल कुछ पैरानॉर्मल एक्टिविटी से घिरा हुआ है।
शो में मधु के पास्ट के बारे में बताया जाता है जहां कॉलेज में हुए एक फेस्टिवल में उसके साथ कुछ बहुत बुरा घटित हुआ था। जिस ट्रॉमा से अभी तक मधु बाहर निकल कर नहीं आ पाई है। हॉस्टल में रहने वाली कुछ लड़कियां मधु से कहती है कि जिस रूम में वह शिफ्ट हुई है उस रूम में कुछ रहस्यमई चीजे हैं वह रहस्यमई चीजे तुम्हें मार भी सकती हैं। आगे शो में एक तांत्रिक देखने को मिलता है। जो मधु को उस रहस्यमयी शक्ति से बचाने का काम करता है।
कहानी में,हॉस्टल के रूम की वह सीक्रेट कहानी और मधु के पास्ट का जो ट्रॉमा है ,यही सब कुछ चलता हुआ दिखाई देता है। शुरुआत से ही शो का होरर आपको इस शो से पूरी तरह से जोड़ लेगा इस सीरीज की सबसे अच्छी बात यह है कि यहां बॉलीवुड का वह टिपिकल भूत देखने को नहीं मिलता जो दीवारों छतो पर उल्टे लटकते दिखाई पड़ते हैं। अंत के तीन से चार एपिसोड काफी शानदार है।

क्या है फिल्म मे खास
यहां बहुत सारे भयानक सीन देखने को मिलेंगे जिनको देखने पर आप अपनी आंखें बंद कर सकते हैं।अगर आप एक डरावनी फिल्म का एक्सपीरियंस करना चाहते हैं तो यहां वह सब चीज आपको देखने को मिलेगी।
साथ ही शो में ब्रूटालिटी भरे सीन भी दिखाई पड़ते हैं। जिस तरह से भूत के एंगल को साइकोलॉजिकल लेवल पर एक ट्रॉमा के साथ मिक्स करके दिखाया गया है वह आपके अंदर एक क्यूरियोसिटी पैदा करता है जिससे आप यह जानने पर मजबूर रहेंगे कि आखिर मधु के साथ हुआ क्या है।
टेक्निकल एक्सपेक्ट
करैक्टर परफॉर्मेंस की बात की जाए तो यहां पर रजत कपूर,मोनिका पंवार,गीतांजलि कुलकर्णी,शिल्पा शुक्ला और अभिषेक चौहान ने अपने-अपने अभिनय को बहुत ही अच्छी तरह से निभाया है।
शो की सिनेमैटोग्राफी बहुत ही शानदार तरह से की गई है जिसे पंकज कुमार ने अपने अनुभव से और भी क्रिएटिव बनाया है वहीं अगर म्यूजिक की बात की जाए तो आलोक नंदा का म्यूजिक भी शो में एक अहम भूमिका निभाता है। कलर ग्रेडिंग प्रोडक्शन क्वालिटी काफी बढ़िया से की गयी है।
कमियां
यह कॉन्सेप्ट तो बहुत अच्छा था पर इस कांसेप्ट को मेकर ने बहुत अच्छे से इस्तेमाल नहीं किया। बॉलीवुड हॉरर फिल्मो से यहां थोड़ा हट कर बनाने की कोशिश की गयी है जो इंप्रेस करता है,पर कमी रह जाती है सीरीज के शुरुआती 4 एपिसोड में जो थोड़े स्लो लगते हैं।
इन एपिसोड के बाद सीरीज तेजी पकड़ती है अगर शुरुआती एपिसोड से उतनी ही तेजी के साथ यह शो आगे बढ़ता। तब शायद दर्शक शो से ज्यादा जुडा रह सकता था।अगर आप इससे पहले भी बहुत सारी हॉरर फिल्में देख रखी होगी तो यहां पर आपको कुछ ऐसा नया देखने को नहीं मिलेगा जो आपके दिमाग को घुमा दे।अगर आप ये शो देखना चाहते हैं तब दिमाग में एक बात बैठा लें के स्टार्टिंग के चार एपिसोड थोड़े स्लो हैं,इसके बाद आपको कुछ इंटरेस्टिंग देखने को मिलेगा।
निष्कर्ष
खौफ के एपिसोड 5 से शुरू हुआ डर और रोमांच का एक्सपीरियंस करने के लिए यह सीरीज एक बार तो देखी जा सकती है यहां एडल्ट सीन देखने को मिलता है जिस वजह से आप अपनी फैमिली के साथ बैठकर इसे ना देखें अंत में कुछ चीजों को इस तरह से छोड़ा गया जिसे देखकर लगता है की इसका सीजन 2 भी आता दिखाई देगा मेरी तरफ से सीरीज़ को दिए जाते हैं पांच में से तीन स्टार की रेटिंग।
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