ए बिटर स्वीट लाइफ जो कि 2005 में रिलीज़ हुई कोरियाई फिल्म है फाइनली अब ये फिल्म हिंदी में अमेज़न प्राइम पर उपलब्ध करा दी गई है। फिल्म का रनिंग टाइम तकरीबन 2 घंटे का है।
2007 में इमरान हाशमी की आवारापन रिलीज़ हुई थी। अभी हाल ही में इमरान हाशमी ने यह भी घोषणा कर दी कि आवारापन पार्ट 2 भी जल्द दिखाई देगा। आवारापन की कहानी को इसी कोरियाई फिल्म से उठाया गया था।
तो अगर आपको लगता है कि आवारापन ओरिजिनल कंटेंट था ये ओरिजिनल कंटेंट न होते हुए ए बिटर स्वीट लाइफ से लिया गया था।
कहानी
कहानी आवारापन फिल्म जैसी ही है। हीरो एक गैंगस्टर है जो अपने बॉस की हर बात मानता है। इसका बॉस अपनी गर्लफ्रेंड पर नज़र रखने के लिए इस गैंगस्टर को काम देता है जिस तरह से आवारापन की कहानी में हमें देखने को मिला था। पर अगर इसकी तुलना आवारापन से की जाए, तो आवारापन कहीं ज़्यादा बेहतर फिल्म बनाकर पेश की गई थी
जिस तरह से आवारापन में इमरान हाशमी का इमोशनल डेप्ट देखने को मिला था उतने इमोशंस यहाँ देखने को नहीं मिलते। स्टार कास्ट का चयन भी ठीक से नहीं किया गया है। यही वजह है कि पूरी फिल्म ठंडी दिखाई पड़ती है। आवारापन में इमरान हाशमी की बैक स्टोरी दिखाई गई थी जिसमें इमरान हाशमी आलिया के साथ मोहब्बत किया करता था। आलिया की मौत के बाद इमरान हाशमी तन्हाइयों में चला जाता है।
जिस तरह से आवारापन में इमरान हाशमी की पास्ट लाइफ को लिखा गया था वैसा यहाँ कुछ भी देखने को नहीं मिलता। यहाँ तक कि एंडिंग में इस बात का पता भी नहीं लगता कि जिस लड़की पर नज़र रखने के लिए इसका बॉस इसे आदेश देता है उस लड़की का क्या होता है।
जिस तरह से आवारापन में इमरान हाशमी ने आशुतोष राणा की गर्लफ्रेंड को मारने से मना कर दिया था तब आशुतोष राणा के गुंडे इमरान हाशमी को मारते हैं। ठीक उसी तरह से यहाँ पर भी देखने को मिलता है पर इसका क्लाइमेक्स आवारापन से बिल्कुल अलग है।
ठीक इसी तरह से एक फिल्म आयी थी आई सॉ द डेविल एक विलन को इसी फिल्म का रीमेक कहा जाता था, पर ये दोनों फिल्में रीमेक होते हुए भी एक जैसी नहीं लगती थीं।

क्या है इसमें खास
एक चीज़ जो फिल्म की सबसे ज़्यादा अच्छी है, वो ये कि ये फिल्म 2005 में रिलीज़ हुई थी और उसे अब भी 2025 में देखने के बाद क्लाइमेक्स के एक्शन सीन देखने पर ऐसा नहीं लगता कि यह फिल्म 20 साल पुरानी है।
बाकी इसमें कुछ भी ऐसा नहीं है, जो आवारापन से अच्छा दिखाई दे। आवारापन की तरह ही यहाँ सन-वू का किरदार में अकेलापन देखने को मिलता है, जो सिर्फ अपने बॉस का वफादार होता है और उसकी कही बातों को मानता है। सिनेमैटोग्राफी काफी अच्छी तरह से की गई है।
अगर आप यह सोचकर इस फिल्म को देखना चाहते हैं कि यहाँ आवारापन से कुछ बेहतर दिखाई देगा तो ऐसा नहीं है। आवारापन एक कल्ट क्लासिक इंडियन फिल्म है जो फ्लॉप होने के बाद भी आज तक लोगों द्वारा उतनी ही पसंद की जा रही है। यहाँ पर मोहित सूरी के निर्देशन की तारीफ करनी होगी जिन्होंने इतनी शानदार फिल्म बनाई थी।
निष्कर्ष
अगर आप इस फिल्म को देखना चाहते हैं, तो प्राइम वीडियो पर हिंदी, तमिल, तेलुगु के साथ इसे देख सकते हैं।आपको आवारापन बेहद खास लगती है तब आवारापन की इस ओरिजिनल फिल्म को तो एक बार देखना बनता ही है।
मेरी तरफ से इस फिल्म को दिए जाते हैं 5 में से ढाई स्टार। इस फिल्म को दक्षिण कोरिया में काफी पसंद किया गया था जो कि रॉटेन टोमैटोज़ पर 100% मार्क्स देखकर पता लगता है। IMDb की अगर बात की जाए, तो इस फिल्म को 7.5 आउट ऑफ 10 की रेटिंग मिली।
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