Mr Zoo Keeper 2025: क्या हो जब बाघ के बच्चे को बिल्ली का बच्चा समझ लिया जाये? पढ़ें ये मज़ेदार रिव्यू

Written by: Arslan
Publish On: October 2, 2025 4:55 PM (IST)
Mr Zoo Keeper movie review in Hindi

तमिल सिनेमा की नई पेशकश “Mr Zoo Keeper” हाल ही में रिलीज हुई है, जो 1 अगस्त 2025 को सिनेमाघरों में आई थी। यह फिल्म निर्देशक जे.सुरेश की पहली बड़ी फिल्म है साथ ही इन्होने इसे लिखा भी है। फिल्म के मुख्य किरदारों में कॉमेडियन से अभिनेता बने ‘पुगाज़ चिन्ना’ थंबी के रूप में नजर आते हैं, जो एक नार्मल दिखने वाला लेकिन दिमागी रूप से कमजोर व्यक्ति हैं।

उनके साथ शिरीन कांचवाला उनकी पत्नी के किरदार में हैं जबकि सिंगमपुली, मरिमुथु और इम्मान अन्नाची जैसे प्रतिभा के धनि कलाकार सहायक भूमिकाओं में सपोर्ट करते हैं। फिल्म नीलगिरी की खूबसूरत वादियों में सेट है और असली बाघों का इस्तेमाल करके पर्यावरण संरक्षण पर फोकस करती है।

कहानी:

स्टोरी नीलगिरी के एक छोटे से गांव से शुरू होती है जहां चिन्ना थंबी नाम का एक थोड़ा मंदबुद्धि वाला आदमी काम करता है। एक दिन उसका बेटा उसे जंगल में मिले एक छोटे से बिल्ले को घर लाने के लिए कहता है और चिन्ना थंबी उसे आवारा बिल्ली का बच्चा समझकर घर ले आता है। लेकिन असल में वो एक बाघ का बच्चा होता है।

जिसके बाद चिन्ना थंबी के घर में इस बाघ के बच्चे की वजह से हंगामा मच जाता है, खासकर जब वो बड़ा होने लगता है और घर में आग लगा देता है। चिन्ना थंबी की पत्नी शुरुआत में अपने पड़ोसियों से यह सब छुपाने की कोशिश करती है, लेकिन फिर वन विभाग के अधिकारी अब्दुल्ला इसकी तलाश में जुट जाते हैं और फ्री अब्दुल्ला और चिन्ना थंबी का परिवार मिलकर इस बाघ बच्चे को जंगल में जाकर छोड़ देते हैं,

Mr Zoo Keeper movie review in Hindi
IMAGE CREDIT: SOCIAL MEDIA

लेकिन इसी दौरान ये लोग उस जंगल में वहां अवैध कटाई और पूंजीपतियों की हरकतें देखकर फैसला बदलते हैं और उस बच्चे को खुद पालने की ज़िम्मेदारी लेते हैं । कहानी में गांववाले भी शामिल हो जाते हैं, जहां बाघ गांव को बचाने में मदद करता है। ये एक मनोरंजक प्लॉट है जो इंसान और जानवरों के रिश्ते को दिखाता है साथ ही जंगलों की तबाही पर भी सवाल करता है।

तकनिकी पहलु

फिल्म की तकनीकी पक्ष पर नजर डालें तो नीलगिरी की सुंदरता को कैमरे ने अच्छे से कैद किया है, जो पर्यावरण के महत्व को शानदार तरीके से दिखाता है, फिल्म में असली बाघों का इस्तेमाल किया गया है जो देखने में काफी दिलचस्प और रियल फील देता है, खासकर एन्ड क्रेडिट्स में उनके साथ की शूटिंग की झलकियां देख कर मज़ा आ जाता है।

कैसा है जे सुरेश का डायरेक्शन:

निर्देशक जे.सुरेश ने फिल्म को एक सिंपल लेकिन ज़रूरी संदेश के साथ पेश किया है। उनकी फिल्म में पर्यावरण संरक्षण और इंसान और जानवर के रिश्ते पर अच्छे से फोकस किया गया है, जो फिल्म को एक अलग रंग देता है। उनकी पहली कोशिश सराहनीय है लेकिन और ज़्यादा अनुभव के साथ ये और भी बेहतर हो सकती थी।

फिल्म की खामियां:

मूवी में कुछ कमजोर पहलू हैं जो अगर थोड़े और मज़बूत होते तो इसे और बेहतर बना सकते थे:

  1. दिमागी मरीज़ को गलत तरीके से पेश किया गया है, चिन्ना थंबी को ‘अधपका’ जैसे शब्दों से मजाक बनाया जाता है, मानसिक रोगी का अचानक ठीक हो जाना, कहानी में कुछ हज़म नहीं होता।
  2. फिल्म में कई सीन ऐसे हैं जो बिना किसी लॉजिक के लिखे गए हैं, जैसे पत्नी का घर में बाघ न देख पाना या अधिकारी का सुराग छोड़ देना।
  3. परफॉर्मेंस कमजोर हैं- शिरीन ग्रामीण सेटिंग में फिट नहीं बैठतीं और फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट औसत है।
  4. एडिटिंग और पेसिंग की वजह से फिल्म लंबी और उबाऊ लगती है, खासकर एडिंग के कोर्ट वाले सीन में।
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IMAGE CREDIT: IMDB

फिल्म की अच्छाइयां :

मूवी की अच्छी बातें इसे देखने लायक बनाती हैं:

  1. पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश, जैसे अवैध कटाई और इको-टूरिज्म पर हमला जोकि काफी गहरा और ज़रूरी मैसेज देता है।
  2. असली बाघों का इस्तेमाल और नीलगिरी की खूबसूरत लोकेशन, जो विजुअल्स को क्रिस्प और सुन्दर बनाती है।
  3. पुगाज़ की कॉमेडी और कुछ इमोशनल सीन अच्छे हैं, खासकर सिंगमपुली के साथ जंगल वाले हिस्से।
  4. फैमिली एंटरटेनर के रूप में बच्चों को जंगल के बारे में सिखाने के लिए ये फिल्म काफी बढ़िया है, जिससे वे जान सकें की जंगल हमारी दुनिया के लिए कितना ज़रूरी है।

निष्कर्ष:

कुल मिलाकर “Mr Zoo Keeper” एक ऐसी फिल्म है जो अच्छे इरादे से बनी है लेकिन तर्क में थोड़ी कमजोर पड़ जाती है। अगर आप पर्यावरण और जानवरों से जुड़ी कहानियां देखना पसंद करते हैं, तो ये देखने लायक है, खासकर फिल्म पुरे परिवार के साथ। लेकिन अगर आपको सॉलिड स्क्रिप्ट और मजबूत परफॉर्मेंस की तलाश है तो निराशा हो सकती है। रेटिंग के लिहाज से मैं इसे 3.5 /5 देता हूं।

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  • movie reviewer

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