Saare Jahan Se Accha प्रतीक गांधी का धमाकेदार स्पाई थ्रिलर न्यूक्लियर हथियार, जासूसी और ट्विस्ट

Written by: Amir khan
Publish On: October 2, 2025 5:44 PM (IST)
Saare Jahan Se Accha Review

अभी जल्दी जिओ हॉटस्टार का एक शो सलाहकार रिलीज़ किया गया है ठीक उसी तरह से सरे जहा से अच्छा नाम का एक शो नेटफ्लिक्स पर आया है। शो को डायरेक्टर है सुमित प्रोहित जिन लोगो ने सलाहकार देखि है उन्हें यह शो भी देखा देखा सा लगेगा बस थोड़ा बहुत बदलाव यहां किया गया है। शो में टोटल 6 एपिसोड है सभी एपिसोड की लेंथ 30 से 45 मिनट के बीच की है। इस शो के मेकर सुमित ने ही स्कैम 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी फिल्म बनाई थी।

रिलीज़ डेट

नेटफ्लिक्स: 13 अगस्त

कास्ट

प्रतीक गांधी, सनी हिंदुजा, सुहैल नैय्यर, कृतिका कामरा जैसे और भी कलाकार यहाँ नज़र आएंगे।

कहानी

“हमारा काम कोयले की खान से हीरा ढूंढने से ज़्यादा खतरनाक है क्योंकि, क्योंकि हीरा ढूंढने वाला एक बात अच्छे से जानता है कि वो ढूंढ क्या रहा है।” कुछ इस तरह के दमदार डायलॉग के साथ शो के पहले एपिसोड की शुरुआत होती है। यह कहानी उस समय की है जब न्यूक्लियर हथियार बनाने की होड़ यूएस, रूस और चीन के बीच तेज़ी से चल रही थी। भारत के दुश्मन नहीं चाहते थे कि यहाँ न्यूक्लियर हथियार का निर्माण किया जाए। वही समय था जब भारत में RAW (Research and Analysis Wing) का निर्माण हुआ।

Saare Jahan Se Accha
PIC CREDIT Saare Jahan Se Accha

प्रतीक गांधी भारत के एक स्पाई एजेंट हैं। पहले एपिसोड में ही शिमला समझौता भी दिखाया गया है। जिन लोगों को इसके बारे में नहीं पता, वे जान लें कि 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान से बांग्लादेश की आज़ादी के बाद इंदिरा गांधी और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जुल्फिकार अली भुट्टो ने इस पर हस्ताक्षर किए थे, जहाँ भारत ने पाकिस्तान को युद्ध में करारी मात दी थी।

जुल्फिकार अली भुट्टो पाकिस्तान में परमाणु हथियार बनाने में जुटा है। वह अपने मुल्क में साइंटिस्ट्स को इकट्ठा करने लगता है। जब सऊदी और इराक पाकिस्तान को फंड देने से इनकार कर देते हैं, तब जुल्फिकार लीबिया जाता है और वहाँ से उसे मदद मिल जाती है। शो में खूब सारी रिसर्च की गई है। इतिहास के कई पन्ने यहाँ खोले गए हैं। पहला एपिसोड ही दिमाग को जकड़ लेता है, जो आगे के एपिसोड्स देखने के लिए मजबूर करता है।

Saare Jahan Se Accha
PIC CREDIT Saare Jahan Se Accha

पॉज़िटिव पॉइंट

कहानी उस समय रंग बदलती है जब प्रतीक गांधी अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान शिफ्ट होते हैं। ये एक क्रिकेट मैच के जैसा ही है, जहाँ प्रतीक गांधी आखिरी प्लेयर बचे हैं, बाकी सभी प्लेयर आउट हो चुके हैं। दूसरे एपिसोड का पहला सीन रोंगटे खड़े करने वाला है, जो दिखाता है कि मुर्तज़ा मलिक और इसका गैंग किस तरह से अपने ही देश में जासूसों को मौत के घाट उतारता है।

हंगरी में नौशाद, जो पाकिस्तानी ऑफिसर है, उससे प्रतीक मिलता है और जानकारी जुटाता है कि परमाणु हथियार किस जगह पर बनाया जा रहा है। इस तरह के सीन कहानी को रोमांच से भर देते हैं। हर एक मोड़ पर जिस तरह से ट्विस्ट दिखाया गया है, वह देखना रोमांच से भरा हुआ है। कहानी दिलचस्प और प्रभावशाली है। शो के सभी एक्टर्स ने अच्छी एक्टिंग की है, सिवाय जुल्फिकार अली भुट्टो के रोल को निभाने वाले कलाकार को छोड़कर।

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निर्देशन

सुमित पुरोहित का निर्देशन शानदार है। इनका विजन क्लियर था, जो इन्हें दिखाना था, वो इन्होंने अच्छे ढंग से दिखाया है। कहानी शुरू से ही अपनी धारा में आगे बढ़ती रहती है। हर एक सीन के बाद दूसरा सीन जुड़ा हुआ महसूस होता है। सुमित ने प्रतीक के कैरेक्टर में इमोशनल डेवलपमेंट भर दिया है। यहाँ कैमरा एंगल और लाइटिंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

सिनेमैटोग्राफी

कैमरा वर्क कुछ इस तरह से किया गया है कि हर सीन अलग फील देता है। पाकिस्तान जिस तरह से दिखाया गया है, उसे देखकर लगता है कि सचमुच शो को पाकिस्तान में ही शूट किया गया है। बीजीएम हर एक सीन को आगे बढ़ाने का काम करता है।

एडिटिंग

शो का एक बड़ा प्लस पॉइंट है इसकी एडिटिंग, जो भावनात्मक रूप से शो से जोड़े रखने में मदद करती है। हर सीन सही समय पर आता है, जो उत्साह और भावनाओं को बनाए रखता है।

Saare Jahan Se Accha
PIC CREDIT Saare Jahan Se Accha

क्या ख़ास है “सरे जहाँ से अच्छा” में

जियो हॉटस्टार के शो “सलाहकार” की बात की जाए, तो जो गलतियाँ हमें एक दर्शक के तौर पर वहाँ पर देखने को मिली थीं, वैसा कुछ भी यहाँ देखने को नहीं मिलता। यहाँ जानने का मौका मिलता है कि किसी देश का जासूस कैसे काम करता है, क्या इसकी पर्सनल लाइफ होती है। शो को देखते समय कहीं-कहीं पर आलिया भट्ट की फिल्म “राजी” जैसा लगता है। शो को जिस तरह से प्रेजेंट किया गया है, वो देखने में काफी अच्छा है। प्रतीक गांधी अपने फेस एक्सप्रेशन्स से ही बहुत कुछ कह जाते हैं।

निष्कर्ष

यह शो पूरे परिवार के साथ बैठकर देखा जा सकता है। यहाँ किसी प्रकार की एडल्ट या वल्गर चीज़ देखने को नहीं मिलती। जिन दर्शकों को स्पाई थ्रिलर शो देखना पसंद है, उन्हें यहाँ मनोरंजन की 100% गारंटी मिलने वाली है। मेरी तरफ से “सरे जहाँ से अच्छा” को 5 में से 3.5 स्टार की रेटिंग दी जाती है।

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