2 अक्टूबर 2025 दशहरे के मौके पर रिलीज़ हुई पंजाबी फिल्म निक्का ज़ैलदार 4 बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है जिसने रिलीज़ के पहले दिन पर एक करोड़ रूपये का कारोबार किया। ये इस फ्रेंचाइजी की फोर्थ फिल्म है जिसका निर्देशन किया हैसिमरजीत सिंह ने और मुख्य भूमिका में नज़र आते है एम्मी विर्क और सोनम बाजवा। दो घंटे दस मिनट की निक्का जैलदार ४ कॉमेडी रोमांटिक ड्रामा फिल्म क्या अभी तक आयी अपनी पिछली तीनो फिल्मो को टक्कर दे पायी है या नहीं आएये जानते है।
कहानी
सबसे पहले ये जान ले के पूरी फिल्म के अंदर एम्मी विर्क और सोनम बाजवा की जोड़ी कमाल की लगी है जब जब स्क्रीन पर ये दोनों दिखाई देते है परदे से नज़र नहीं हटती। निक्का (अम्मी विर्क) गांव के भोले भाले लड़के का दिल आजाता है एंजल प्रीत (सोनम बाजवा) एक चालबाज़ लड़की पर ये दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ते है और कॉलेज में हो रहे है एक ड्रामे का हिस्सा है। निक्का को एंजल में जो सबसे अच्छी बात लगती है वो है इसकी लगन फिर चाहे वो लगन नशे के खिलाफ हो या फिर किसी काम को लेकर।
अब कहानी का ट्विस्ट ये है के निक्का को एंजल को पाने के लिए सामना करना होगा एंजल की के बड़े परिवार से। एंजल का परिवार एक एडवांस पंजाबी परिवार जैसा है। एंजल के जैसा ही निक्का की भी एक बड़ी जॉइंट फैमली है एक सीन में निक्का जब एंजल के घर झांक रहा होता और पकड़ा जाता वह सीन बड़ा मज़ेदार है जहा दर्शक सोच कुछ और रहा होता है और असल में होता उसकी सोच से कुछ बिलकुल विपरीत। फिल्म में दिखाया गया एक और नेपाली सीन भी बड़ा मज़ेदार है जो बहुत क्रेटिव तरह से यहां पेश हुआ है। एक ऐसे ही सीन और है जब निक्का को पता लगता है के शराब के खिलाफ एंजल असल में शराब की शौकीन है।

यह सिंपल से कहानी उस समय बदल जाती है जब निक्का का वियाह एंजल प्रीत से होता है और निक्का ने एंजल के बारे में जैसा सोच रक्खा था यहा असल में कहानी बिलकुल उलटी है मतलब के एंजल जैसी दिखाई दे रही थी असल में वैसी बिलकुल नहीं है। शादी के बाद भी एंजल निक्का को हाथ तक लगाने नहीं देती यहां तक धमकी भी देती है के अगर तुमने मुझे हाथ लगाया तो रेप का केस होगा। अब निराश निक्का की समझ में नहीं आता के उससे कितनी बड़ी गलती हो गयी है। जब जब एंजल शराब पीती तब तब कहानी कॉमेडी के समुन्दर में गोते खाते दिखाई पड़ती है। फिल्म में बहुत से डबल मीनिंग डायलॉग को डाला गया जिसकी शायद ज़रूरत नहीं थी। निर्मल ऋषि के द्वारा इस उम्र में की गयी एक्टिंग की जितनी भी सराहना की जाए वो कम है।
इंटरवल के समय एक ट्विस्ट आता है जब निक्का एंजल को रिहेब सेंटर में भर्ती करवा देता है। आगे की कहानी और भी मनोरजन से भरी है जिसका असली स्वाद सिनेमा घरो में जाकर ही चखा जा सकता है।
फिल्म के पॉज़िटिव पॉइंट
सिनेमाटोग्राफी
निक्का के अपने गांव के खूबसूरत दृश्य यहां के घर खेत चारो तरफ हरियाली गांव का खुशनुमा माहौल भावत्मक और मानसिक रूप से प्रभावित करने वाले है। साथ ही हर एक सीन में एक अलग रंग भरा हुआ दिखता है जो की अक्सर पंजाबी फिल्मो में दिखाई देता है। यहां दिखाई गयी शादी का रंग-बिरंगा माहौल दर्शक को शादी का एक हिस्सा महसूस करवाता है। फिल्म के सभी रोमांटिक और भावत्मक सीन का अच्छे से इस्तेमाल किया गया है। ब्राइट लाइटिंग और कमरा एंगल शनदार है।
कैरेक्टर परफॉर्मेंस
जहा अम्मी विर्क मासूम तो वही सोनम तेज़ तर्रार लड़की के रूप में अच्छे से दिखाई दिए है। दादी के रूप में निर्मल ऋषि ने भी शानदार एक्टिंग का प्रदर्शन किया है इनके कैरेक्टर को देख दर्शको को शायद अपनी दादी की याद आये। परमिंदर गिल सोनिया कौर अनिता देवगन सभी स्पोर्टिंग करेक्टर का काम अच्छा रहा है।
एडिटिंग
हर एक सीन को अच्छे से काटा और जोड़ा गया है जिससे बोरियत महसूस नहीं होती।इसके सभी अलग अलग सीन दर्शको को खुद से जोड़ने का काम करते है। निर्देशक एक बात अच्छे से समझते है के सोशल मीडया के दौर में दर्शको को किस तरह से कटेंट पेश करना है पंजाबी फिल्मो में अब जिस तरह से कलात्मकता के दर्शन होने लगे हैदेख कर अच्छा लगता है।
म्यूज़िक बीजीएम
पूरी फिल्म में म्यूज़िक इमोशन को बढ़ाने और कॉमेडी के रस को जीवंत करने में लगा रहता है जिससे दर्शको का फिल्म के प्रति इंट्रेस्ट बना रहता है। सभी गाने अच्छे है ख़ास कर सिनेमा में इन्हे देख कर और मज़ा आता है।
निगेटिव पॉइंट
कुछ चीज़े यहां थोड़ी अटपटी सी है जैसे की शराब के नशे को लेकर जैसा शुरू में लगता है के यहाँ एक सन्देश दिया जा रहा है बाद में पता लगता है सन्देश देने वाली लड़की ही शराब की एडिक्टेड है। कही कही पर कुछ इनलॉजिकल सीन है जैसे एक जगह पर एंजल के द्वारा ससुराल के सभी मर्दो को कुत्तो के नाम देना बुजर्ग मर्द को कुत्ते के नाम देना थोड़ा ठीक नहीं लगा अगर बात की जाये की यह अपनी पिछली तीन फिल्मो से बेहतर है तो नहीं यह उनसे बेहतर नहीं है।
निष्कर्ष
परिवार के साथ बैठ कर देख सकते है पूरी फिल्म शुरू से लेकर अंत तक मनोरंजन से भरी है जहा कॉमेडी रोमांस इमोशन का भरपूर तड़का है मेरी नज़र में यह एक डिसेंट फिल्म है जिसको मै देता हूँ 5 में से 3.5 स्टार की रेटिंग।
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