अरनमनी 4 को पहले डिज्नी प्लस हॉटस्टार के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज किया गया था। अब आप इस फिल्म को जियो सिनेमा के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी में स्ट्रीम कर सकते हैं।
ये फिल्म कैसी है, क्या आपको इसे देखना चाहिए, फिल्म की कहानी कैसी है, और क्या इसके पहले के सभी पार्ट देखने जरूरी हैं? इन सभी सवालों के जवाब हम इस लेख में देंगे।
कहानी
सुंदर सी द्वारा बनाई गई यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है। अरनमनी 4 के पहले तीन पार्ट अगर आपने नहीं देखे, तो उन्हें देखने की जरूरत नहीं है। इस फिल्म की कहानी बिल्कुल अलग है। अरनमनी के हर पार्ट की कहानी अलग होती है। कहानी शुरू होती है श्रवण (सुंदर सी) से, जो पेशे से वकील हैं। श्रवण की बहन सेल्वी (तमन्ना भाटिया) घर छोड़कर कहीं चली गई है।
कई साल बाद श्रवण को पता चलता है कि उनकी बहन सेल्वी ने आत्महत्या कर ली। श्रवण अपनी बहन से बहुत प्यार करता है और उसका मानना है कि सेल्वी आत्महत्या नहीं कर सकती। क्या सेल्वी ने वाकई आत्महत्या की थी या उसकी मौत का कारण कुछ और था? यह जानने के लिए आपको 2 घंटे 23 मिनट की इस फिल्म को देखना होगा।
एक लाइन में रिव्यू करें तो फिल्म की कहानी अलग थी, लेकिन सही ट्रीटमेंट न होने की वजह से यह एक औसत फिल्म बनकर रह गई।
अरनमनी के पहले, दूसरे और तीसरे पार्ट की तुलना में अरनमनी 4 सबसे बेहतर है।
स्क्रीनप्ले
अरनमनी 4 का स्क्रीनप्ले कमजोर है। सभी किरदारों की ओवर-द-टॉप एक्टिंग रियलिस्टिक नहीं लगती। खराब स्क्रीनप्ले की वजह से एक अच्छी फिल्म बनते-बनते रह गई। फिल्म ने 100 करोड़ रुपये कमाए, लेकिन अगर इसका स्क्रीनप्ले बेहतर होता, तो यह हिंदी बेल्ट में भी कमाल कर सकती थी। प्रोडक्शन वैल्यू, VFX और CGI निराश करते हैं।
अगर आप क्वालिटी कंटेंट देखने के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए नहीं है। यह एक औसत फिल्म है।
फिल्म में योगी बाबू, जो मेसन के किरदार में हैं, उनकी कॉमेडी भी उतनी प्रभावी नहीं है, जितनी उनकी दूसरी फिल्मों में होती है। फिल्म की कॉमेडी उबाऊ और परेशान करने वाली लगती है। कुछ सीन्स में, जहां गंभीरता की जरूरत थी, वहां बेतुकी कॉमेडी डालकर कहानी को कमजोर किया गया है।
बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट
न्यूज वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, अरनमनी 4 ने रिलीज के 22 दिनों में 58.57 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसका इंडिया ग्रॉस कलेक्शन 67.40 करोड़ रुपये है। फिल्म ने 22 दिनों में वर्ल्डवाइड 86 करोड़ रुपये कमाए। तमिल में यह फिल्म सुपरहिट रही। अरनमनी 4 का कुल ग्रॉस कलेक्शन 100 करोड़ रुपये है।
निष्कर्ष
अरनमनी की सभी सीरीज में एक जैसा पैटर्न दिखता है, जैसे बेतुकी कॉमेडी, किरदारों का ओवर परफॉर्मेंस, लॉजिक से दूर की कहानी और खराब VFX। ऐसा लगता है कि डायरेक्टर सुंदर सी ने इन सभी चीजों को फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा बना लिया है।
पहले के समय में ऐसी चीजें सिनेमाघरों में काम कर जाती थीं, और इस सीरीज की एक टारगेट ऑडियंस बन गई थी। आज भी उसी टारगेट ऑडियंस को ध्यान में रखकर सुंदर सी फिल्म बनाते हैं और उसी तरह की चीजें परोसते हैं। अगर आप इस फिल्म के टारगेट ऑडियंस हैं, तो इसे देख सकते हैं।
फिल्म में बाघ वाला कॉन्सेप्ट अच्छा था। अगर इसे ईमानदारी से और टारगेट ऑडियंस को ध्यान में रखकर बनाया जाता, तो यह एक अच्छी कहानी बन सकती थी। इतनी कमियों के बावजूद फिल्म कुछ हिस्सों में रुचि पैदा करती है। इंटरवल वाला हिस्सा बहुत थ्रिलिंग था। क्लाइमेक्स में शैतान को मारने के लिए दी गई विजुअल प्रेजेंटेशन प्रभावशाली है।
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