गिप्पी ग्रेवाल की शिंदा शिंदा नो पापा फिल्म की आधिकारिक तौर पर ओटीटी रिलीज़ डेट सामने आ चुकी है। तो आइए जानते हैं कि इस फिल्म को किस दिन, किस समय और किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ किया जाएगा।
गिप्पी ग्रेवाल, हिना खान और शिंदा ग्रेवाल स्टारर फिल्म शिंदा शिंदा नो पापा, जो कि इसी साल 10 मई को सिनेमाघरों में रिलीज़ की गई थी। इस फिल्म को दर्शकों का बहुत प्यार मिला था। महज 10 से 12 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने वर्ल्डवाइड 40 करोड़ का कलेक्शन कर सुपरहिट का दर्जा हासिल किया था। आईएमडीबी पर इस फिल्म को 5.9 की रेटिंग दी गई है। फिल्म को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुए लगभग पांच से छह महीने बीत चुके हैं।
जिन लोगों ने फिल्म को सिनेमाघरों में मिस कर दिया, अब उन्हें इसके ओटीटी रिलीज़ का इंतजार था। चौपाल टीवी की ओर से इस फिल्म की ओटीटी रिलीज़ की घोषणा करते हुए बताया गया है कि अब आप इसे चौपाल टीवी के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर इस दीपावली से देख सकेंगे। इस फिल्म को दीवाली के लिए ही रोका गया था, अब आप इसे 31 अक्टूबर से स्ट्रीम कर सकेंगे। ये फिल्म 31 अक्टूबर को सुबह 11 बजे चौपाल टीवी पर रिलीज़ कर दी जाएगी।
काफी समय से सभी को इस फिल्म का इंतजार था, अब आपका इंतजार खत्म हो चुका है।
कैसी है ये फिल्म
फिल्म के मुख्य हीरो हैं गिप्पी ग्रेवाल और हिना खान उनकी पत्नी के रूप में नजर आएंगी। फिल्म में गिप्पी ग्रेवाल के बेटे शिंदा ग्रेवाल का भी एक अच्छा रोल है। गिप्पी की इस फिल्म को पूरे भारत में रिलीज़ किया गया था, इसके साथ ही इसे बड़े पैमाने पर ओवरसीज में भी रिलीज़ किया गया, क्योंकि पंजाबी फिल्में ओवरसीज में अच्छा कलेक्शन करती हैं।
स्टोरी
फिल्म की कहानी को कनाडा में शुरू किया जाता है, जहां गिप्पी अपने बेटे और पत्नी के साथ रहता है। गिप्पी पंजाब के गांव से कनाडा आया था और फिर यहीं बस गया। गिप्पी अपने बेटे को वही सब कुछ सिखाना चाहता है, जैसा कि गिप्पी के पिता ने उसे सिखाया, पर दिक्कत ये है कि पंजाब का कानून बच्चों के लिए अलग है और कनाडा का कानून कुछ अलग।
जैसे कि अगर पंजाब में कोई पिता अपने बेटे को मारता है, तो ये एक आम बात होती है। पर अगर कनाडा में किसी पिता ने अपने बेटे को मारा, तो उसे जेल की हवा खानी पड़ सकती है। और अगर आपने अपने बच्चे को एक से अधिक बार मारा, तो फिर आपके बच्चे को आपसे ले लिया जाएगा।
अब गिप्पी का लड़का पुलिस में शिकायत कर देता है कि मेरे पापा मुझे मारते हैं। तब गिप्पी को हवालात की हवा खानी पड़ती है। अब गिप्पी अपने बेटे को पंजाब लाकर ये दिखाना चाहता है कि अगर मां-बाप अपने बच्चों को मारते हैं, तो वो गलत नहीं होता, वो ये सब अपने बच्चों के लिए ही करते हैं।
गिप्पी का बेटा पंजाब आना नहीं चाहता है, पर गिप्पी किसी तरह समझा-बुझाकर उसे पंजाब ले आता है। और जब ये पंजाब आते हैं, तब इन्हें देखकर सभी घरवाले बहुत खुश हो जाते हैं। गिप्पी का बेटा पंजाब में आकर देखता है कि पंजाब में मां-बाप अपने बेटे को अगर मारते हैं, तो इसमें कोई समस्या नहीं है।
गिप्पी के बेटे को ये देखकर अच्छा नहीं लगता है और वो कहता है कि मां-बाप अपने बच्चों को इस तरह नहीं मार सकते। गिप्पी के परिवारवाले समझाते हैं कि यहां ऐसा ही होता है, ये पंजाब है, कनाडा नहीं है, यहां की परंपराएं ऐसे ही काम करती हैं। अब शिंदा ये सब बातें मानने से इनकार कर देता है। गिप्पी का बेटा शिंदा इन सब चीजों को रोकने के लिए बच्चों का एक ग्रुप बनाना शुरू कर देता है।
फिल्म का क्लाइमेक्स काफी अच्छा है, जिसमें ये बताया गया है कि न तो कनाडा का वो कानून सही है और न ही भारत का ये तरीका सही है, जहां मां-बाप बच्चों को बुरी तरह से पीटते हैं। अब सही क्या है और गलत क्या है, ये सब जानने के लिए आपको इस फिल्म को देखना होगा।
राइटर नरेश कथूरिया ने बहुत अच्छी कहानी लिखी है। फिल्म का म्यूजिक भी अच्छा है। डायरेक्टर अमरप्रीत छाबड़ा ने अच्छा डायरेक्शन किया है, जो कि फिल्म में फैमिली के इमोशनल और रिलेशन को दिखाने में कामयाब रहे हैं। फिल्म देखकर आप ये महसूस कर सकेंगे कि फैमिली क्या होती है।
गिप्पी ग्रेवाल के बेटे शिंदा ग्रेवाल ने फिल्म में बहुत अच्छी एक्टिंग की है। शिंदा अपनी एक्टिंग से दर्शकों को हंसाने और रुलाने में पूरी तरह से कामयाब रहा है। गिप्पी तो अच्छे एक्टर हैं ही, हिना खान का रोल बहुत बड़ा तो नहीं है। गिप्पी के दोस्त गुरतेज सिंह की भी फिल्म में एक्टिंग शानदार है।
ये फिल्म एक फैमिली इमोशनल ड्रामा है और इस फिल्म को पूरी फैमिली के साथ, बच्चों के साथ बैठकर देखना चाहिए।
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