Bad Genius Netflix Review: स्कूल की चीटिंग,जीवन की परेशानियां,क्या बैड जीनियस गुड बन पाएंगे?

Written by: Arslan
Publish On: September 13, 2025 10:42 PM (IST)
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नेटफ्लिक्स के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर एक नई फिल्म रिलीज की गई है, जिसका नाम ‘बैड जीनियस’ है। बात करें फिल्म के जॉनर की, तो यह थ्रिलर और ड्रामा है। इसकी लंबाई 1 घंटा 36 मिनट की है। फिल्म का निर्देशन ‘बाज पूनपिरिया’ ने किया है, जिन्होंने इससे पहले साल 2017 में आई फिल्म ‘बैड जीनियस’ का निर्देशन किया था। फिल्म की कहानी थाई इंडस्ट्री से जुड़ी हुई है, जिसमें कुछ स्टूडेंट्स के द्वारा स्कूल में चीटिंग करते हुए दिखाया गया है।

कहानी

फिल्म की कहानी स्कूल टाइम पर एग्जाम में की गई चीटिंग पर आधारित है, जिसमें कुछ बच्चों से मिलकर बना हुआ गिरोह शामिल है। इसमें मुख्य तौर पर चार बच्चे शामिल हैं, जिनके नाम जूटीमॉन जूएंगचारोएन्सूकिंग, चानन सेंटिनाटकुल, थीरादोन सुफानपिन्यो, और नोनकुल चानन हैं। ये अपने हर एग्जाम के समय पर कुछ इस तरह से चीटिंग करते हैं, जिससे किसी को भी कानो-कान इसकी खबर नहीं लगती।

इन चारों बच्चों को शुरू से ही नकल करने की आदत पड़ जाती है, जिसमें यह सभी महारत हासिल कर लेते हैं। और जैसे-जैसे वक्त बीतता है, वैसे-वैसे ही अपने हर एक क्लास में यही तरीका अपनाते हैं, जिसके कारण उनकी लाइफ में आने वाली परेशानियों से यह चारों बिल्कुल अनजान होते हैं।

क्योंकि जब यह बड़े होकर किसी जॉब के लिए अप्लाई करेंगे, तब वहां पर उनसे लाइव क्वेश्चन-आंसर किए जाएंगे, न कि चीटिंग हॉल में की गई नकल इनके काम आएगी। फिल्म की आगे की कहानी इसी पर चलती है, किस प्रकार से इन सभी की लाइफ में आगे परेशानियां आती हैं, और साथ ही साथ उनके पैरेंट्स भी स्ट्रगल करते हैं। और भी बहुत सारे ट्विस्ट एंड टर्न देखने को मिलते हैं, जिन्हें जानने के लिए आपको देखनी पड़ेगी यह फिल्म, जो कि नेटफ्लिक्स के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।

खामियां

क्योंकि यह एक थाई फिल्म है, जिसके कारण कहानी में कुछ हद तक यूनिकनेस की कमी रह जाती है, और स्टोरी काफी प्रेडिक्टेबल दिखने लगती है। फिल्म की दूसरी सबसे बड़ी कमी इसका स्क्रीनप्ले है। और इसकी तीसरी कमी की बात करें, तो इस फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी औसत है।

टेक्निकल एस्पेक्ट

फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक काफी सॉफ्ट है, जो कि इसकी कहानी को मजबूत बनाने में बिल्कुल भी साथ नहीं देता। फिल्म को नॉर्मल कैमरा एंगल से शूट किया गया है, जिसमें कोई भी अलग तरह का मूवमेंट फील नहीं होता।

फाइनल वर्डिक्ट

अगर आप स्टूडेंट लाइफ को फिर से जीना चाहते हैं, और स्कूल लाइफ में की गई नादानियों का मजा उठाना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए एक बेहतरीन तोहफा है, जिसे देखकर आप हंसेंगे, और मनोरंजन भी फील करेंगे। हालांकि कहानी में उस तरह की ग्रिपिंग नहीं दिखाई देती, और ना ही यह कोई एक्स्ट्रा ऑर्डिनरी फिल्म है। मूवी को वन-टाइम वॉच किया जा सकता है, जिसे देखकर आप बिल्कुल भी मायूस नहीं होंगे।

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  • movie reviewer

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