बॉलीवुड से लेकर साउथ फिल्मों तक अपनी पहचान बनाने वाले अभिनेता सोनू सूद 30 जुलाई 2025 को अपना 52व जन्मदिन मनाने जा रहे है। एक वक्त था जब सोनू के पास कुछ ही पैसे होते थे पर आज उन्होंने अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर काफी कुछ हासिल किया है। यही नहीं उन्हें गरीबों का मसीहा भी कहा जाता है। आइए डालते है सोनू सूद की जिंदगी के पहलू पर एक नज़र।
तमिल फिल्म से हुई करियर की शुरुआत:
30 जुलाई 1973 को लुधियाना में जन्मे सोनू सूद ने अपनी करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की। उन्होंने पाने पिता से कहा था कि वह एक बार फिल्मों में ट्राई करना चाहते है अगर उन्हें कामयाबी नहीं मिली तो वह वापस अपने पिता का काम संभाल लेंगे।
इसके बाद वह मुम्बई आ गए और ऑडिशन देने लगे लगातार ऑडिशन के बाद भी उन्हें कोई फिल्म नहीं मिल रही थी इस दौरान उनको तमिल भाषा के एक कॉर्डिनेटर ने उन्हें चेन्नई बुलाया और उन्हें एक तमिल फिल्म के लिए सलेक्ट कर लिया गया। यह साल 1999 की फिल्म कल्लाझागर थी जिसमें उन्होंने सहायक भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने तमिल,तेलुगु और कन्नड़ सहित कई भाषाओं में फिल्में की।

मां ने चिट्ठी लिख कर दी हिम्मत:
सोनू सूद एक इंटरव्यू में बताते है कि जब वह लो फील करते थे स्ट्रगल कर रहे थे तब उनकी मां उन्हें चिट्ठी लिख कर हिम्मत देती थी। सोनू ने एक बार उनसे कहा भी कि हमारी रोज फोन पर बात होती है तो आप लेटर क्यों लिखती हो तो उन्होंने कहा था कि उनके इस दुनिया के जाने के बाद यह रिकॉर्ड रहेगा। सोनू बताते है कि उनकी मां इस दुनिया में नहीं है वह आज भी अपनी मां के लेटर्स को पढ़ते है।
कई भाषाओं में दिखाया हुनर:
सोनू सूद एक ऐसे अभिनेता है जिन्होंने तमिल,तेलुगु,कन्नड़, मंदारिनि,पंजाबी,उर्दू और हिंदी भाषाओं में फिल्में की। बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म साल 2002 में “शहीद ए आजम” थी जिसमें उन्होंने भगत सिंह की भूमिका निभाई। इसके बाद उन्होंने युवा,आशिक बनाया अपने,जोधा अकबर,एक विवाह ऐसा भी,हैप्पी न्यू ईयर और सिंबा जैसी फिल्में की।
उनकी तेलुगु फिल्मों में सुपर, अथाडु, अरुंधती और दुकुडू आदि फिल्में शामिल है।इसके अलावा उन्होंने वह चीनी फिल्म जुआनजांग,उर्दू फिल्म इश्क पॉजिटिव,कन्नड़ फिल्म विष्णुवर्धन और तमिल फिल्म मधा गजा राजा, मजुनू की है।
गरीबों का मसीहा:
सोनू सूद रील लाइफ़ में तो हीरो है ही साथ ही वह रियल लाइफ़ हीरो भी है। सोनू ने कोविड 19 के समय कई सारे मजदूरों को उनके घर पहुंचने के लिए बसों, ट्रेनों और चार्टर्ड उड़ानों की व्यवस्था की। सोनू सूद ने प्रवासी रोजगार नाम की एक वेबसाइट लॉन्च की जिससे प्रवासी मजदूरों को नौकरी खोजने में मदद मिल सके। इसके अलावा उन्होंने साल 2021 में इलाज इंडिया की शुरुआत की जिसमें जरूरत मंद लोगों को इलाज की सेवाएं मिल सके।
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