फिल्म की स्टोरी अपूर्वा, दीक्षित शेट्टी, नाम के एक नौजवान पर रची गई है, जो कि काम की तलाश में रहता है और फिलहाल बेरोजगार है। उसकी एक गर्लफ्रेंड भी है जिसका नाम स्वप्ना है और वह एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में जॉब करती है, और यह एक-दूसरे के प्यार में दीवाने हैं।
स्वप्ना, जो कि अपूर्वा से शादी करना चाहती है, इसी कारण से वह हमेशा चिंतित रहती है क्योंकि अपूर्वा फिलहाल बेरोजगार है। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब देखने को मिलता है जब अपूर्वा को एक अनजान व्यक्ति नजर आने लगता है और हद तो तब हो जाती है।
जब यह व्यक्ति अचानक पलक झपकते ही गायब भी हो जाता है और यह प्रक्रिया बार-बार चलती रहती है, जिससे तंग आकर अपूर्वा इस मिस्ट्री को सुलझाने की खोज में निकल पड़ता है। जहां पर उसकी मुलाकात साइंटिस्ट ओल्ड अरिवु, सुरेश अनगली, से होती है।
जो कि उन्हें एक ऐसी दवा ब्लिंक के बारे में बताते हैं, जो उन्होंने साइंस के जरिए बनाई है, जिसे आंख में डालने पर जब तक हम अपनी पलकें नहीं झपकाते हैं, तब तक हम टाइम ट्रेवल कर सकते हैं, और साथ ही अरिवु के पिता के बारे में कुछ गहरे राजों का खुलासा करता है।
अब क्या हैं वे गहरे राज़, जिन्हें फिल्म में देखकर आपका दिमाग सुन्न हो जाता है, जिसमें वह बताता है कि अपूर्वा अपने पिता को फिर से जीवित कर सकता है, जिसके लिए उसे भी टाइम ट्रेवल करना होगा। आगे की कहानी में अपूर्वा, ब्लिंक नाम की इस दवाई का इस्तेमाल करके पास्ट में ट्रैवल करता है और अपने पिता को बचाने की कोशिश में लग जाता है।
जहां पर अरिवु इस बात का भी खुलासा करता है कि इस दवा से केवल एक दिन में तीन बार ही ट्रैवल किया जा सकता है। इसी तरह से कहानी आगे बढ़ती है और फिल्म के क्लाइमेक्स में इस बात का खुलासा होता है कि वह अरिवु नाम का व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि अपूर्वा ही है। और ओल्ड अरिवु, अपूर्वा को यह भी बताता है कि वह इस चक्रव्यूह में कैसे फंसा।
जिसे दिखाने के लिए पास्ट की कहानी में फिल्म आपको फिर से वापस ले जाती है और यहां पर दिखाया जाता है कि अपूर्वा की गर्लफ्रेंड स्वप्ना छोड़कर चली जाती है और मां यशोदा की मौत हो जाती है, जिससे अपूर्वा पूरी तरह से अकेला रह जाता है।
जिसके कुछ सालों बाद, साल 2032 में, वह काम के सिलसिले में कोलकाता चला जाता है, जहां पर उसकी मुलाकात अरविंद सेन से होती है, जो कि एक साइंटिस्ट है। अरविंद, अपूर्वा को अपनी आई ड्रॉप के बारे में बताता है, जिससे फ्यूचर और पास्ट में ट्रैवल किया जा सकता है।
जिसे सुनकर अपूर्वा उस आई ड्रॉप को हासिल कर लेता है, ताकि वह फिर से पास्ट में जाकर अपनी मां और गर्लफ्रेंड को वापस पा सके। जिसके बाद अपूर्वा उस ड्रॉप को इस्तेमाल करके 1996 की टाइमलाइन में चला जाता है और अपनी एक नई दुनिया बसा लेता है, जहां पर उसकी एक बीवी और बच्चा भी होने वाला था।
पर वहां पर हालात कुछ ऐसे बनते हैं कि उसे ना चाहते हुए भी इस टाइमलाइन को छोड़ना पड़ता है, जिससे उसे फिर से अपनी दुनिया में वापस जाना पड़ता है। हालांकि बाद में जब अपूर्वा फिर से अपनी बीवी के पास वापस आने की कोशिश करता है, तब उसे ढूंढ नहीं पाता, जहां पर वह फंसकर रह जाता है।
लेकिन कहानी में आगे अपूर्वा की मुलाकात अरिवु से हो जाती है, जहां पर वह अपनी बीती पूरी घटना के बारे में बताता है। अरिवु उसे बताता है कि इस लूप को तोड़ने के लिए अपूर्वा को मरना होगा, लेकिन यह सब करने से पहले अपूर्वा, अरिवु से एक दिन का वक्त मांगता है, जिससे वह अपनी मां और गर्लफ्रेंड से अच्छे से मिल सके। हालांकि अंत में अपूर्वा, अरिवु को ही मार देता है और फाइनली यह लूप टूट जाता है।
फिल्म में दिखाई गई अजीब चीजें
मूवी में टाइम ट्रैवल करने के दौरान कुछ अजीब आवाजें सुनाई देती हैं, जो कि सुनने में काफी अटपटी सी लगती हैं, क्योंकि फिल्म में दिखाया गया टाइम ट्रैवल एक दवा के जरिए किया जा रहा है, ना कि किसी मशीन का सहारा लेकर।
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