Dhai Aakhar Review: छोटे बजट की लेकिन बड़े मैसेज वाली,डोमेस्टिक वायलेंस पर बनी दो पत्ती जैसी एक बेहतरीन फ़िल्म

Written by: Arshi
Publish On: September 16, 2025 11:11 PM (IST)
Dhai Aakhar Movie Review In Hindi

1985 के समय पर आधारित, यह एक ड्रामा फिल्म है जिसमें आपको समाज में महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न को दिखाने की कोशिश की गई है।

समाज में जिस तरह का झूठा पुरुषवाद फैला हुआ है, उसे सामने लाने के उद्देश्य से इस फिल्म को बनाया गया है। फिल्म के निर्देशक हैं प्रवीण अरोड़ा और इस कहानी को लिखा है अमरदीप सिंह और असगर वजाहत ने।

अगर आपको सोशल ड्रामा देखना पसंद है, जिसमें आपको पारिवारिक मनमुटाव देखने को मिले, तो यह फिल्म सिर्फ आपके लिए बनी है।

फिल्म का प्रोडक्शन वर्क 2023 में ही पूरा हो गया था, जिसे अब 22 नवंबर 2024 को थिएटर्स में रिलीज कर दिया गया है। इस फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड के खूबसूरत नजारों में की गई है। फिल्म का रनिंग टाइम 1 घंटा 38 मिनट है, जिसे IMDb पर 8.8 की रेटिंग मिली हुई है।

Dhai Aakhar Movie Story

फिल्म की कहानी की शुरुआत हर्षिता नाम की फीमेल कैरेक्टर से होती है, जो फिल्म की मुख्य कैरेक्टर है और इन्हीं के इर्द-गिर्द आपको फिल्म की कहानी घूमती हुई नजर आएगी।

एक ऐसी औरत, जिसने सारी उम्र अपने पति के जुल्म सहे, लेकिन अपने बच्चों के लिए शादी के इस बंधन को पूरी उम्र झेला।

कहानी के क्लाइमेक्स में आपको उन्हीं बच्चों का, स्पेशली उसके पति के मर जाने के बाद बेटे का जो व्यवहार देखने को मिलेगा, वो आपको माँ-बेटे के रिश्ते की एक गलत परिभाषा देगा।

दरअसल, बच्चों के बड़े होने के बाद उनकी शादी कर दी जाती है और एक दिन पति की भी मृत्यु हो जाती है, जिसके बाद हर्षिता (मृणाल कुलकर्णी) खुद को बहुत अकेला महसूस करती हैं। तभी उनकी दोस्ती एक किताब के लेखक “श्रीधर” से हो जाती है, पत्रों के लेन-देन के द्वारा।

अब हर्षिता अपने इस दोस्त से मिलने के लिए घर से तीर्थ यात्रा का बहाना करके निकलती हैं। जब वो घर से चली जाती हैं, तो उनके पीछे उनके ढेरों पत्र बच्चों के हाथ लग जाते हैं, जिससे उनकी छवि बेटे के सामने धूमिल हो जाती है। और जब वो वापस आती हैं, तो बेटा अपनी माँ पर हाथ तक उठा लेता है मारने के लिए, जिसके विरोध में उसकी बहू खड़ी हो जाती है अपनी सास के पक्ष में।

फिल्म का सार

एक खूबसूरत कहानी इस फिल्म में आपको देखने को मिलेगी, शादी से जुड़ी। किस तरह एक औरत शादी के रिश्ते को झेलती है, अगर रिश्ते में प्यार नहीं है, और किसी के भी जीवन में प्यार का क्या महत्व है, किस तरह प्यार आपके जीवन में रंगों को भर सकता है, ये सब देखना बहुत ही इंट्रेस्टिंग होगा।

फिल्म की कहानी डोमेस्टिक वायलेंस से जुड़ी हुई है, जो कुछ समय पहले आई फिल्म “दो पत्ती” जैसी है।

कैसा है प्रोडक्शन?

फिल्म के प्रोडक्शन से जुड़ी कोई भी कमी आपको इस फिल्म में नहीं नजर आएगी, क्योंकि फिल्म की अच्छी कहानी सारी कमियों पर पर्दा डालने वाली है।

अच्छा स्क्रीनप्ले राइटिंग और कहानी का रिप्रेजेंटेशन आपको इस फिल्म में देखने को मिलेगा। फिल्म के डायलॉग बहुत ही गहराई वाले हैं, जो आपके दिल को छू जाएंगे।

निष्कर्ष

अगर आपको एक बेहतरीन फिल्म देखनी है, तो आप इस फिल्म को देख सकते हैं। आपका एज ग्रुप जो भी हो, इस बात से फर्क नहीं पड़ता, फिल्म की कहानी ऐसी है कि आप कहानी से पूरी तरह से जुड़ जाएंगे।

प्यार के रिश्ते और बिना प्यार के शादी के रिश्ते में क्या फर्क होता है, ये देखकर आपकी आँखों में आंसू नहीं रुक पाएंगे।

भले ही फिल्म का बजट बहुत हाई नहीं है, लेकिन प्यार और दोस्ती से जुड़ा एक हाई मैसेज देती है ये फिल्म।

इस फिल्म को मेरी तरफ से दिए जाते हैं 5 में से 4*।

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  • arshi

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