आज हम बात करेंगे साउथ साइंस फिक्शन मूवी जैगो की, जिसकी चर्चा काफी दिनों से चल रही थी। दरअसल, ये फिल्म 19 नवंबर 2021 को सिनेमाघरों में आई थी, और अब इस फिल्म को हिंदी भाषा में रिलीज किया गया है। इस फिल्म के प्रोड्यूसर मनोज कार्तिकेयन हैं।
और उन्होंने ही इसकी कहानी भी लिखी है, यह फिल्म टाइम लूप पर आधारित है, जिसमें पूरी मूवी में एक दिन की स्टोरी दिखाई गई है, जिसका कॉन्सेप्ट काफी अच्छा है। जो व्यूअर्स इस फिल्म को हिंदी में देखना चाहते थे, उनके लिए खुशखबरी है, जैगो मूवी जियोहॉटस्टार के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर हिंदी में उपलब्ध है।
स्टोरी
यह फिल्म 2 घंटे 26 मिनट की है। बात करें फिल्म की स्टोरी की, तो यह फिल्म एक न्यूरोसर्जन गौतम (सतीश) के इर्द-गिर्द घूमती है। इस पूरी फिल्म की स्टोरी एक दिन पर आधारित है, जिसमें एक दिन में काफी कुछ हो जाता है। मूवी में दिखाया गया है कि गौतम किसी रेडिएशन की चपेट में आ जाता है।
जिससे वह एक टाइमलाइन में फंस जाता है, और एक ही घटना उसके साथ बार-बार दोहराई जाती है, जिसमें उसकी बीवी का मर्डर भी शामिल है। गौतम ने शादी बिना प्यार के की थी, वह शादी नहीं करना चाहता था, क्योंकि वह उस लड़की से प्यार नहीं करता था। किसी वजह से गौतम को यह शादी करनी पड़ती है।
पर जब उसकी पत्नी पर मुसीबत आती है, तब गौतम का प्यार दिखाई देता है, और वह उसे प्रोटेक्ट करने की हर संभव कोशिश करता है। अब गौतम इस अप्राकृतिक रेडिएशन से कैसे बाहर निकलेगा, और कैसे सब कुछ ठीक करेगा, यह देखना काफी दिलचस्प होगा।
क्यों देखें यह फिल्म
अगर आप साइंस फिक्शन और मिस्ट्री थ्रिलर मूवीज के शौकीन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है, जिसे देखकर आपको एक पल भी बोरियत महसूस नहीं होगी। फिल्म में थ्रिलर और सस्पेंस के साथ साइंस फिक्शन का कॉम्बिनेशन बहुत अच्छे तरीके से दिखाया गया है। साथ ही, शादी के बाद का जो प्यार होता है, वह प्यार भी गौतम का अलग ही तरह से दिखाया गया है, जिसे देखकर आपको काफी ज्यादा मजा आने वाला है। फिल्म का स्टोरी और कॉन्सेप्ट बिल्कुल भी घिसा-पिटा नहीं है।
नेगेटिव पॉइंट
बात करें इस मूवी के नेगेटिव पॉइंट्स की, तो फिल्म में टाइम लूप का होना, जिस वजह से एक ही घटना बार-बार दिखाई जा रही है, जिससे आप कहीं-कहीं पर बोरियत महसूस कर सकते हैं। वहीँ, फिल्म शुरुआत में थोड़ी सी धीमी नजर आती है, और इस फिल्म को समझने के लिए थोड़ा ज्यादा दिमाग की जरूरत है।
टेक्निकल अस्पेक्ट
बात करें फिल्म के टेक्निकल आस्पेक्ट की, तो इस फिल्म में कार्तिकेय थिल्लई की सिनेमैटोग्राफी जबरदस्त है। फिल्म का बैकग्राउंड म्यूजिक भी सीन से काफी ज्यादा मेल खाता है, जिसे देखकर आप काफी ज्यादा एंटरटेन होंगे। और साथ ही, फिल्म की हिंदी डबिंग भी काफी ज्यादा अच्छी है।
फाइनल वरडिक्ट
ओवरऑल रिव्यू की बात करें, तो यह वन टाइम वॉच फिल्म है। फिल्म में थोड़ी-थोड़ी देर बाद यह जानने की जिज्ञासा बनी रहेगी कि अब क्या होगा। साथ ही, फिल्म में खूब सारे ट्विस्ट एंड टर्न भी शामिल हैं, जो आपको फिल्म से बांधे रखेंगे। अगर आप साइंस फिक्शन और मिस्ट्री थ्रिलर मूवी के शौकीन हैं, तो यह आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है। साथ ही, यह फिल्म आप फैमिली के साथ भी देख सकते हैं।
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