हॉलीवुड की ओर से एक नई हॉरर फिल्म रिलीज़ की गई है, जिसका नाम ‘मॉन्स्टर समर’ है। बात करें फिल्म के जॉनर की, तो यह एडवेंचर और फंतासी है।
फिल्म की लंबाई तकरीबन 1 घंटा 37 मिनट की है। बात करें इसकी कहानी की, तो यह जंगल में रहने वाली एक चुड़ैल पर आधारित है, जो बच्चों को मारकर खा जाती है। फिल्म का निर्देशन ‘डेविड हेनरी’ ने किया है, जिन्होंने इससे पहले 2024 में आई फिल्म ‘रेगन’ का भी निर्देशन किया था।
कहानी
फिल्म की कहानी ‘नोआ’ और उसके दोस्तों की जिंदगी पर आधारित है, जो एक छोटे से कस्बे में रहते हैं। जहां बचपन में नोआ और उसका दोस्त एक पुराने घर में जाते हैं, वहां इन दोनों का सामना एक प्राणी से होता है। नोआ तो बचकर भाग जाता है, लेकिन उसका दोस्त वहीं फंस जाता है।
जिसके बाद वह बेहोशी की हालत में पुलिस द्वारा बरामद किया जाता है। इस घटना के बाद जंगल के उस क्षेत्र को प्रतिबंधित घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद नोआ बड़ा हो जाता है, और ये सभी दोस्त हाई स्कूल में पहुंच जाते हैं।
तभी उन्हें एक अजीब घर के बारे में पता चलता है, जो जंगल में मौजूद है। सारे दोस्त योजना बनाते हैं कि वे उस घर में जाकर पड़ताल करेंगे, जहां उनकी मुलाकात ‘मेल गिब्सन’ से होती है, जो अब एक रिटायर्ड फौजी हैं, जिनके बेटे को भी बचपन में वह चुड़ैल उठा ले गई थी।
कहानी जैसे-जैसे आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे गिब्सन और नोआ इस प्राणी के रहस्य को खोलने की कोशिश करते हैं। अब सवाल यह है कि क्या ये दोनों इस चुड़ैल को पकड़ पाएंगे, या चुड़ैल इन्हें खत्म कर देगी? यह सब जानने के लिए आपको देखनी पड़ेगी यह फिल्म, जो आपके नजदीकी सिनेमाघरों में उपलब्ध है।
खामियां
फिल्म की सबसे बड़ी कमी इसकी पटकथा है, जिसमें किसी भी प्रकार का हॉरर और थ्रिल देखने को नहीं मिलता। फिल्म की दूसरी सबसे बड़ी कमी इसकी कहानी लेखन है, जो काफी कमजोर है, जिसमें किसी भी तरह का ट्विस्ट देखने को नहीं मिलता। फिल्म की तीसरी बड़ी कमी इसकी कास्टिंग है, जिसमें कोई भी किरदार सही तरह से फिट नहीं बैठता।
अच्छाइयां
वैसे तो इस फिल्म में किसी भी तरह की खास अच्छाई देखने को नहीं मिलती है, लेकिन फिर भी अगर इसके कुछ पहलुओं की बात करें, तो फिल्म की जंगल वाली लोकेशन काफी शानदार है, जो देखने में वास्तविक प्रतीत होती है। इसकी दूसरी अच्छी बात इसका बैकग्राउंड म्यूजिक है, जो फिल्म के हर एक दृश्य को पूरी तरह से समर्थन देता है।
फाइनल वर्डिक्ट
साल 2002 में आई शबाना आज़मी स्टारर फिल्म ‘मकड़ी’ और साल 2017 में आई फिल्म ‘इट’ जैसी फिल्मों के कॉन्सेप्ट पर बनी यह फिल्म आपको उस तरह का थ्रिल तो प्रदान नहीं करती, और न ही इसकी कहानी लेखन उस स्तर का देखने को मिलता है।
लेकिन फिर भी आप इसे एक बार तो देख सकते हैं। हालांकि फिल्म की कहानी पूरी तरह से सपाट है, जिसमें किसी भी तरह का रोमांचक और आकर्षक क्षण देखने को नहीं मिलता है।
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