Patal Lok Season 2: इस महीने देखने को मिलेगा उठेगा रहस्यों से पर्दा

Written by: Amir khan
Publish On: September 13, 2025 11:31 PM (IST)
patal lok season 2 Release date

अमेज़न प्राइम वीडियो की बड़ी सीरीज में जो नाम जुड़ा है उनमें से एक नाम जो आता है वो है पाताल लोक। पाताल लोक की कहानी कुछ इस तरह से थी, कि लोगों को ये बहुत ज्यादा पसंद आई, इसके दो बड़े कलाकार हाथी राम और इनके साथ हथौड़ा त्यागी, इन दोनों ने इस सीरीज को शानदार बना दिया था।

जिस तरह की एक्टिंग इस सीरीज में देखने को मिली थी उसने पूरी फिल्म से दर्शकों को बांध कर रखा था। लोगों को बेसब्री से इंतज़ार है हथौड़ा त्यागी और हाथी राम को दोबारा देखने का मौका मिलेगा। प्राइम वीडियो ने इस साल की शुरुआत में ही ये बता दिया था कि पाताल लोक का सीजन 2 आपको बहुत जल्द देखने को मिलेगा। पाताल लोक बहुत जल्द अपने अंतिम प्रोडक्शन में जा चुकी है।

मतलब कि ये फिल्म कम्प्लीट होने वाली है। अब इसके पोस्ट प्रोडक्शन पर काम किया जाएगा। पहले इस तरह की खबरें निकल कर आ रही थीं कि प्राइम वीडियो पाताल लोक को दिसंबर 2024 में रिलीज कर देगा, पर अब ये फिल्म पोस्ट प्रोडक्शन में जाने वाली है। और पोस्ट प्रोडक्शन में जाने के बाद चाहे जितनी भी तेजी से काम किया जाए फिर भी इसे तीन से चार महीनों का वक्त लग जाएगा।

तो अगर आपको पाताल लोक का इंतज़ार है, तो ये सीरीज आपको 2025 की मार्च में देखने को मिल सकती है, क्योंकि अमेज़न प्राइम बहुत तेजी से इस सीरीज पर काम करके रिलीज करना चाहता है।

पाताल लोक सीरीज 1 का अंत क्या था

पाताल लोक के सभी राज़ नौवें एपिसोड में छिपे हैं। पाताल लोक के पहले एपिसोड से इसके अंत तक सभी राज़ एक-एक करके खुलते चले जाते हैं। अब कुछ सवालों के जवाब तो सीरीज में मिल जाते हैं, पर कुछ सवालों के जवाब ढूंढना थोड़ा मुश्किल होता है।

गुर्जर त्यागी जब हाथी राम आया था, तो उसने उसे क्यों नहीं मारा था, जबकि हाथी राम ये भी बोल देता है कि मुझे मालूम है कि मास्टर जी अब नहीं हैं, वो मर चुके हैं।

तब गुर्जर ने हाथी राम को दो वजहों से नहीं मारा। पहली वजह है, क्योंकि हाथी राम गुर्जर को बता देता है कि मेरे अलावा इस मौत की खबर बाजपेयी जी को पता है। और दूसरी वजह हाथी राम बोलता है कि आपने मुझसे ज्यादा दुनिया देखी है, मैं आपका कर भी क्या सकता हूँ। क्योंकि पूरा पुलिस डिपार्टमेंट गुर्जर त्यागी और बाजपेयी के इशारों पर नाचता था। इसके साथ ही सीबीआई अपनी रिपोर्ट भी दे चुकी थी, जिसके अनुसार वो चारों लोग आतंकवादी थे।

अब अगर हाथी राम बोलता भी कि क्या सच्चाई है, तो उसकी बात पर भरोसा भी कौन करता। सीबीआई के सामने हाथी राम की भला कौन सुनता। यही वजह थी कि गुर्जर ने हाथी राम को नहीं मारा।

अब हाथी राम को एक बात अच्छी तरह से पता था कि सीबीआई के सामने उसकी कोई भी नहीं सुनने वाला है। सबको लगने लगा था कि हाथी राम ने इस केस को फाइनल कर लिया है।

इसके बाद जब हाथी राम डीसीपी भगत के पास जाता है, तो एक डायलॉग में सभी क्वेश्चन के आंसर मिल जाते हैं, “डीसीपी भगत हाथी राम से बोलता है कि ये जो पूरा सिस्टम है, दूर से देखने पर कचरे का एक ढेर लगता है। पर अगर इसे पास से देखा जाए, तो ये एक मशीन की तरह है। मशीन के हर पुर्जे को पता है कि उसे क्या काम करना है। और जिस पुर्जे को नहीं पता होता है कि उसे क्या करना है, तब उस पूरे पुर्जे को बदल दिया जाता है।”

‘ये एक सिस्टम है जो ऐसे ही चलता है।’ कुछ लोगों को एक चीज और जानना है कि हथौड़ा को मारना तो बहुत आसान था। हथौड़ा त्यागी पर मास्टर जी का हाथ था और ये बात किसी को भी नहीं पता थी कि मास्टर जी मर चुके हैं। हथौड़ा त्यागी हमेशा से छिपा रहता था।

मास्टर जी की जगह पर। वो कभी बाहर नहीं आता था। इसी लिए संजीव मेहरा का झूठा मर्डर प्लान किया गया और हथौड़ा त्यागी को बाहर निकाला गया, तो इतना आसान नहीं था इसको मारना।

हथौड़ा त्यागी ने संजीव मेहरा को क्यों नहीं मारा। हथौड़ा त्यागी जब संजीव मेहरा को उसके घर पर मारने जाता है, तो वो देखता है कि संजीव और उनकी पत्नी कुत्ते के साथ खेल रहे होते हैं।

वहां से वो जिद पकड़ लेता है कि मास्टर जी से बात किए बिना वो संजीव मेहरा को नहीं मारेगा। क्योंकि मास्टर जी ने हथौड़ा त्यागी को एक बात सिखाई थी कि जो लोग कुत्तों से प्यार करते हैं, वो अच्छे होते हैं और अगर कोई कुत्ता इंसान को प्यार करे, तो वो इंसान भी अच्छा होता है।

हथौड़ा त्यागी ने खुद को क्यों गोली मारी।

क्योंकि मरने के सिवा उसके पास कोई चारा नहीं रहता। 39 मर्डर, चोरी, वसूली जैसे बहुत से इल्ज़ाम इसके सिर पर पहले से होते हैं, इससे पहले वो कभी पकड़ा नहीं गया होता है और जब पकड़ा जाता है, तो उसको जिंदगी भर जेल में ही रहना पड़ता। दूसरी वजह मास्टर जी मर चुके हैं और इसके जीने का मकसद खत्म हो गया था।

क्या संजीव मेहरा अपनी हत्या की साजिश में शामिल था। ऐसा नहीं, संजीव मेहरा अपनी हत्या की साजिश में शामिल नहीं था।

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