ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के रिश्तों में आई दरार बीते दिनों सुर्खियां बटोरने में लगी रही, जिसमें यह बार-बार बताया गया कि यह दोनों अब जल्दी ही अलग होने वाले हैं और एक दूसरे से तलाक लेने वाले हैं। इसी बीच निमरत कौर का भी नाम निकलकर सामने आया है, जिसे देखने के बाद और भी ज्यादा सस्पेंस क्रिएट हो गया।
सोशल मीडिया पर फिलहाल ग्रे तलाक के बारे में चर्चाएं भर-भर कर निकलकर सामने आ रही हैं। आखिर क्या है यह ग्रे तलाक, चलिए जानते हैं।
ग्रे तलाक का मामला इससे पहले बिल गेट्स फैमिली में देखने को मिला था। बिल गेट्स, जो कि इस दुनिया के 10 सबसे बड़े अमीर आदमियों में शामिल हैं, बीते दिनों उन्होंने अपनी पत्नी से तलाक लिया था और कारण यह बताया था कि ‘हम अब साथ में और आगे नहीं बढ़ सकते।’
हालांकि इन दोनों के तलाक का जिम्मेदार बिल गेट्स को ही ठहराया गया था। माना जाता है कि बिल गेट्स के निजी जीवन में कुछ विवादों के कारण इन दोनों के रिश्तों के बीच यह दरार आई थी।
लेकिन देखा जाए तो यूरोप और अमेरिका जैसे देशों के लिए यह मामला आम है। वहां पर कई कपल्स देखने को मिले हैं, जो 50 से 60 साल के होने के बाद ग्रे तलाक ले लेते हैं।
ग्रे तलाक क्या है
अगर सीधे शब्दों में समझाया जाए कि ग्रे तलाक क्या है, तो अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में जब कपल्स 50 साल से ऊपर के हो जाते हैं, तो उनके बाल सफेद या ग्रे कलर के दिखने लगते हैं, जिसके आधार पर इसका नाम रखा गया और इसे ग्रे तलाक कहा गया है।
हालांकि हमारे भारत में इसका उलट दिखाई देता है, जहां पर किसी भी जोड़े का तलाक उस स्थिति में होता है, जब या तो उनके रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे होते, या फिर वह किसी और को पसंद करने लगते हैं। या फिर उस वक्त तलाक का माहौल बनता है, जब आर्थिक तंगी से कोई परिवार जूझ रहा होता है।
अन्य देशों की सोच भारत के विपरीत
लेकिन दूसरे देशों की बात करें, तो वहां पर सभी सिटीजंस की सोच अलग तरह की देखने को मिलती है। जैसे-जैसे उनकी उम्र आगे बढ़ती है, वैसे-वैसे उन्हें यह समझ आता है कि उम्र बढ़ जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता, फिर चाहे वह 40 के हों या 60 के, कभी भी अपनी नई जिंदगी शुरू कर सकते हैं। इस सोच के साथ यूरोप और अमेरिका के लोग आगे बढ़ते हैं, जिस कारण से ग्रे तलाक जैसे मामले इन देशों में अधिकतर सामने आते हैं।
हद तो तब हो जाती है, जब यह विवाहित जोड़े इस बात को भी अच्छे से समझते हैं कि इनके तलाक से उनके बच्चों पर उसका कितना गहरा बुरा प्रभाव पड़ेगा, लेकिन फिर भी यह जोड़े गिरी हुई मानसिकता के साथ सोचते हैं और सिर्फ अपनी लाइफ को ही सबसे ऊपर रखते हैं। इस स्थिति में इन लोगों पर कोई भी फर्क नहीं पड़ता, सिर्फ और सिर्फ अपने बारे में सोचते हैं।
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