रिमी सेन एक बंगाली परिवार से ताल्लुक रखती हैं। 41 वर्षीय रिमी का बचपन का नाम शुभमित्रा सेन है। रिमी का जन्म कोलकाता में हुआ था और यहीं से इन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की थी।
रिमी एक मिडिल क्लास परिवार से थीं और मिडिल क्लास होने की वजह से ये पैसे की अहमियत को बहुत अच्छी तरह से समझती थीं। इन्हें एक्टिंग में ज्यादा दिलचस्पी नहीं थी, इन्होंने एक्टिंग सिर्फ इसलिए की ताकि घर में कुछ पैसे आ सकें। रिमी की पहली बॉलीवुड फिल्म 2003 में आई थी।
आमिर खान कोका-कोला के ब्रांड एम्बेसडर थे और कोका-कोला उस समय एक विज्ञापन बनाने जा रहा था ‘ठंडा मतलब कोका-कोला’ जिसमें आमिर एक टपोरी कस्टमर के रोल में थे और इस विज्ञापन के लिए एक खूबसूरत चेहरे को ढूंढा जा रहा था।
इस खूबसूरत चेहरे के रूप में रिमी का चयन हो गया। इस विज्ञापन के बाद रिमी को प्रोड्यूसर रमेश सिप्पी की हंगामा फिल्म में काम करने का मौका मिला। ठंडा मतलब कोका-कोला विज्ञापन को लगान के डायरेक्टर आशुतोष गोवारीकर ने बनाया था। आशुतोष गोवारीकर शाहरुख खान के साथ मिलकर स्वदेश फिल्म बना रहे थे, तब रिमी ने इनको ऑडिशन दिया ताकि वो कॉमेडी फिल्मों से हटकर कुछ सीरियस फिल्में करें। पर वो सिलेक्ट नहीं हो सकीं।
रिमी ने मुन्ना भाई एमबीबीएस फिल्म के लिए भी ऑडिशन दिया था पर वहां भी वो सिलेक्ट नहीं हो सकीं। रिमी ने धूम फिल्म में काम किया और ये फिल्म सुपरहिट रही थी। इसके बाद रिमी ने गरम मसाला, क्यों की, और दीवाने हुए पागल जैसी तीन फिल्में बनाईं और ये तीनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन करती नजर आईं।
फिर हेरा फेरी में भी उन्हें रोल मिला और ये फिल्म भी 2006 में हिट रही थी। उनकी फिल्में धूम 2 और गोलमाल भी सुपरहिट रहीं। रिमी की किस्मत इतनी चमकी कि इन्होंने जो भी फिल्म साइन की, वो सभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल रहीं। अब रिमी सेन को कॉमेडी फिल्मों से हटकर कुछ अलग काम करना था। रिमी ने जॉनी गद्दार जैसी सीरियस फिल्म की, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल रही।
2008 में रिमी की ‘दे ताली’ नाम की एक फिल्म आई, पर ये फिल्म भी फ्लॉप रही। इसके बाद हॉर्न ओके प्लीज और संकट सिटी नाम की दो कॉमेडी फिल्में आईं और ये भी फ्लॉप रहीं। 2011 में रिमी की थैंक यू और शागिर्द जैसी फिल्में आईं, ये दोनों ही बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप रहीं।
इसके बाद रिमी सेन ने एक्टिंग से संन्यास ले लिया। इसकी वजह इन्होंने यही बताई कि उन्हें एक्टिंग का शौक शुरू से नहीं था और वो सिर्फ पैसे कमाने के लिए ही एक्टिंग करती थीं।
उनका ये भी कहना था कि उनकी छवि कॉमेडी रोल के लिए बना दी गई थी, जो उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं थी। रिमी ने सिर्फ एक्टिंग छोड़ी थी, पर फिल्म इंडस्ट्री नहीं छोड़ी।
2016 में रिमी ने एक फिल्म प्रोड्यूस की, “बुधिया सिंह: बोर्न टू रन”। इस फिल्म में मनोज बाजपेयी ने एक्टिंग की थी और उनके साथ फिल्म में एक बच्चा था, जिसका नाम मयूर पाटोले है। ये फिल्म असल जिंदगी के बुधिया सिंह की कहानी पर आधारित थी। इस फिल्म को नेशनल फिल्म अवॉर्ड भी मिला था।
रिमी ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई, पर वहां भी वो पूरी तरह से असफल रहीं। रिमी सेन अब फिल्मों से पूरी तरह से दूर हो चुकी हैं और उन्होंने आधिकारिक तौर पर यह भी कह दिया है कि मैं अब एक्टिंग नहीं करूंगी क्योंकि वो चाहती थीं कि उन्हें अलग-अलग तरह के रोल मिलें, पर उन्हें सिर्फ कॉमेडी फिल्मों में ही काम करने का मौका मिला।
एक जैसे किरदार निभाकर रिमी बोर हो गई थीं और उनकी कॉमेडी फिल्में भी अब चलना बंद हो गई थीं। यही वजह है कि उनके पास फिल्मों के ऑफर भी नहीं आ रहे थे। यही कारण है कि अब रिमी हमें फिल्मों में दिखाई नहीं देंगी।
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