एक्यूज्ड फिल्म की कहानी 9/11 जैसे हादसों पर आधारित है, जिनके कारण बहुत सारे लोगों की जिंदगी बदल गई, जिसमें हजारों दोषी पाए गए और यहाँ तक कि बेगुनाहों को भी इसकी सजा मिली।
इसी तरह के कॉन्सेप्ट पर फिल्म ‘एक्यूज्ड’ की कहानी को रचा गया है और बताया गया है कि कैसे आज के ऑनलाइन वर्ल्ड में किसी के साथ कुछ भी किया जा सकता है, फिर चाहे वह दोषी हो या नहीं।
निर्देशक ‘फिलिप बारानटिनी’ ने साल 2023 में ‘एक्यूज्ड’ फिल्म को रिलीज किया था और अब पूरे 1 साल के बाद इसे अमेज़न प्राइम वीडियो ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी में रिलीज किया गया है। जिसकी लंबाई 1 घंटा 28 मिनट की है और इसके जॉनर की बात करें तो यह क्राइम और ड्रामा कैटेगरी में आता है।
फिल्म के लीड रोल में नजर आए ‘चेनल कूलर’ जो कि इससे पहले साल 2021 में ‘द सिल्वर बुक ऑफ ड्रीम्स’ नाम की फिल्म में भी आर्थर के किरदार में नजर आए थे। यह उनके करियर की दूसरी फिल्म है, इससे पहले इन्होंने ज्यादातर टीवी सीरीज में ही काम किया है।
कहानी
फिल्म की स्टोरी हैरी के किरदार पर बेस्ड है, जो कि यूनाइटेड किंगडम में शांति से रहते हैं और वहीँ के नागरिक हैं, लेकिन कुछ कम्युनिटी की नजर में हमेशा खटकते रहते हैं, क्योंकि वह भले ही यूनाइटेड किंगडम में पैदा हुए हों, पर उनका असली मूल देश भारत था, जिसके कारण हैरी को बहुत सारा रेसिज्म सहना पड़ता था।
लेकिन इसकी हद तो तब पार हो गई जब यूनाइटेड किंगडम में एक बम हादसा हुआ और इस दौरान हैरी को नापसंद करने वाले लोगों ने एक चाल चली, जिससे उसकी जिंदगी पूरी तरह से बदल गई। और यह इतना घिनौना था कि किसी भी इंसान के मानसिक और शारीरिक जीवन को ऐसी ठेस पहुंचे, जिसे वह जिंदगी भर भुला न सके।
क्योंकि उन रेसिज्म करने वाले लोगों ने हैरी के फोटो को इस तरह से वायरल कर दिया, जिसमें ‘डीप फेक टेक्नोलॉजी’ का सहारा लेकर उसकी फोटो को किसी दूसरे से बदल दिया और इंटरनेट पर इस तरह से वायरल किया, जैसे वही इस बम धमाके का दोषी हो और उसी ने इस धमाके को अंजाम दिया हो।
अब आगे की कहानी में देखना यह है कि कैसे हैरी खुद को बेकसूर साबित कर सकेगा या फिर उसके आगे की जिंदगी जेल में कटेगी, यह सब जानने के लिए आपको देखनी होगी ये फिल्म, जो कि अमेज़न प्राइम ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी में उपलब्ध है।
खामियां
फिल्म की स्टोरी लाइन काफी सिंपल है, जिसमें ना ही कोई ट्विस्ट दिखाया गया है और ना ही टर्न, जिसके कारण फिल्म से आप बिल्कुल भी इंगेज नहीं हो पाएंगे। इसकी अगली कमी की बात करें, फिल्म में दिखाए गए किरदार बहुत ही कम हैं, जिससे स्क्रीन पर बार-बार कुछ ही चेहरे नजर आते हैं।
जिन्हें देखते-देखते एक टाइम पर आप बोर होने लगते हैं। फिल्म की सिनेमाटोग्राफी भी कुछ खास नहीं दिखाई देती, जिसमें इसका बीजीएम भी काफी लाइट दिखाई देता है। बात करें इसके कैमरा एंगल्स की, तो वह भी कुछ खास नहीं थे, सारे के सारे शॉट स्टील एंगल में ही शूट किए गए हैं।
अच्छाइयाँ
फिल्म ने बहुत ही अच्छे कॉन्सेप्ट पर कंसंट्रेट किया है, इसके बारे में आए दिन हमें सुनने को मिलता है, हालांकि इस काफी सीरियस इशू को भी फिल्म के मेकर्स ने इस तरह से दिखाया है, जिसे देखकर आपको मजा आने वाला है।
फिल्म में टेक्नोलॉजिकल फैक्स के बारे में भी बताया गया है और उनके दुष्परिणामों के बारे में भी, जो कि दर्शकों के लिए काफी हेल्पफुल होगा और इसे देखकर सभी लोग अवेयर हो सकेंगे कि आगे कभी उनके साथ ऐसा ना हो।
फाइनल वर्डिक्ट
अगर आपको हल्की-फुल्की सच्ची घटनाओं जैसी फिल्में देखना पसंद है, तो आप एक्यूज्ड फिल्म को रिकमेंड कर सकते हैं, हालांकि यह किसी सच्ची घटना पर नहीं है।
लेकिन फिर भी इसकी स्टोरी सच्चाई से मिलान करती हुई दिखाई देती है। अगर बात करें इसकी न्यूडिटी और वल्गैरिटी रेटिंग की, तो वह जीरो है, जिसके कारण आप अपनी पूरी फैमिली के साथ भी इसे एंजॉय कर सकते हैं।
फिल्मी ड्रिप की तरफ से इस फिल्म को दिया जाता है 5/⭐।
READ MORE







