Nasir Shaikh Super Boys of Malegaon:फिल्म इंडस्ट्री का एक बहुत पुराना चेहरा जिसे एक नई पहचान मिल चुकी है और बाकी जो फेम रह गया है वो उनकी फिल्म सुपरबोयज़ के आते ही मिल जाएगा ।हम बात कर रहे है एक्टर और प्रोडूसर नासिर शेख की जिसने कई फिल्मों में एक सपोर्टिंग रोल की तरह काम किया है।
इसके अलावा नासिर शेख का नाम अपने गाँव मलेगाँव में एक तरह का diy शूटिंग सेट तैयार करने के लिए भी जाना जाता है जो फिल्मों को बहुत ही कम बजट में एक तरह के diy एक्यूपमेंट के द्वारा फिल्मों को बनाते थे।अब आपको उन्ही के जीवन पर एक फिल्म देखने को मिलेगी जिसका प्रीमियर टोरोंटो फिल्म फेस्टिवल में किया जा रहा है और फिल्म भी आपके लिए जल्द रिलीज होगी।
कौन है नासिर शेख?
नासिर शेख मलेगाँव, महाराष्ट्र के नासिक के एक डिस्ट्रिक्ट के रहने वाले एक बेस्ट एक्टर है जो फिल्मों के एक सच्चे फैन है।इनका जन्म 1 जनवरी 1970 में हुआ था।नासिर शेख ने औरों की तरह सिर्फ फिल्मे देखने में इंट्रेस्ट नहीं रखा बल्कि बहुत कम संसाधन के साथ अपने कुछ दोस्तों के साथ मिलकर दिल जान एक करके और दिन रात मेहनत करके खुद की प्रोडक्शन कम्पनी बनाई है।
जिन्हें फ़िल्में देखने के साथ साथ बनाने के अपने सपने को पूरा करना था। नासिर शेख एक बहुत छोटे से गाँव से आये है लेकिन इन्होंने अपने ही गाँव में खुद की एक फिल्म इंडस्ट्री तैयार की है जिसमें फिल्मों को बहुत ही लोवेस्ट बजट में तैयार करके मलेगाँव के ही थिएटर्स में चलाई जाती थी।
नासिर शेख की फ़िल्में –
नासिर शेख ने अपनी एक्टिंग की शुरुआत 1989 में की थी। सबसे पहले इन्होंने रामलखन नाम की फिल्म में एक रोल किया था उसके बाद और भी कई फ़िल्में की और साथ ही अपने गाँव में खुद की फिल्म इंडस्ट्री बनाने का भी काम किया है।
जिसमें इन्हें खूब कामयाबी मिली और इनका सफर जो मालेगाँव से शुरु हुआ था आज टोरोंटो के एक बहुत बड़े फिल्म फेस्टिवल तक पहुंच गया है।नासिर की अन्य फ़िल्में और टीवी शो इस प्रकार है – खलनायक 1993,बलवान 1992,सी आई डी 1998, सौदागर 1991,मालेगाँव का सुपरमैन 2012
इस आर्टिकल में हम नासिर शेख के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री जिसका प्रीमियर टोरोंटो में किया जा रहा है उसके बारे में भी चर्चा करेंगे।
बॉयज ऑफ मालेगाँव कास्ट टीम –
आदर्श गौरव – शेख नासिर
अनुज सिंह दुहान – अकरम खान
शशांक अरोड़ा – शफीक (सुपर मैन ऑफ मालेगाँव)
विनीत कुमार – फरोग जाफरी
निसार
साकिब अय्यूब
मंजिरी पुपाला
अली अब्बास
डायरेक्टर – रीमा कागती
प्रोडूसर – फरहान अख्तर, ज़ोया अख्तर, रीमा कागती,रितेश सिधवानी
प्रोडक्शन कम्पनी – एक्सेल एंटरटेनमेंट,टाइगर बेबी फिल्म्स
डिस्ट्रीब्यूटर – अमेज़न एम जी एम स्टूडियोज
रनिंग टाइम – 2 घंटा 10 मिनट
प्रीमियर डेट – 13 सितम्बर 2024 टोरोंटो फिल्म फेस्टिवल
टोरोंटो में प्रीमियर की जा रही मालेगाँव बॉयज की कहानी
मालेगाँव बॉयज में आपको नासिर शेख जिन्होंने मालेगाँव में फ़िल्में बनाने के सपने को पूरा किया था, उनके दोस्तों के साथ इस रोमांचक और कठिनाइयों से भरे पूरे सफर को दिखाने का काम किया गया है।
किस तरह इन लोगों ने साधनों की कमी के कारण वेडिंग कैमरा का इस्तेमाल किया और ट्राली की जगह पर साइकिल का जुगाड़ इस्तेमाल करके अपने सपने को पूरा किया था और कई फिल्मों को रि क्रिएट करने के साथ साथ सुपरमैन ऑफ मालेगाँव नाम की एक फ़िल्म भी बनाई थी जिसे लोगों के द्वारा खूब पसंद किया गया।अब इसी सुपर मैन ऑफ मालेगाँव से प्रेरित होकर सुपर बॉयज़ ऑफ मालेगाँव फिल्म बनाई गयी है।
थिएटर रिलीज डेट –
नासिर शेख के जीवन पर बनी है फिल्म सुपर बॉयज ऑफ मालेगाँव जिसे 2025 में थिएटर्स में रिलीज कर दिया जायेगा और उसके बाद ये फिल्म आपको ott पर भी मिलने वाली है।
इंस्पिरेशनल फिल्म होने वाली है ये जिस तरह इसमें नासिर और उनके दोस्तों के प्रयासों को दिखाया गया है। फिल्म के ट्रेलर में एक डायलॉग है एयरोप्लेन को देखते हुए बोला गया हैं कि,”एक दिन मैं भी ये आसमानी सफर करूंगा” तो नासिर ने डायलॉग को सच कर के दिखा दिया है आज वो मालेगाँव से टोरोंटो तक का सफर करने में सफल हो पाए हैं जो काफी सराहनीय हैं।
नासिर शेख की फिल्म सुपरमैन ऑफ मालेगाँव की स्टोरी –
इस फिल्म को डायरेक्शन दिया था फैजा अहमद खान ने और फिल्म की कहानी भी फैजा अहमद खान ने ही लिखी है। जिसमें मालेगाँव जैसी जगह और रहने वाले लोगों जो ठीक से हस तक नहीं सकते, जहाँ का जीवन बहुत कठिन है उस माहौल में दोस्तों के एक ग्रुप की कहानी दिखाई गयी है जो फिल्मों के शौकीन है।
और अपने ही गाँव में एक छोटी सी फिल्म इंडस्ट्री शुरु करने का सपना सच करते है जिससे उनके गाँव में भी हसीं मजाक के साधन बढ़ सकें। और धीरे धीरे मालेगाँव में कई थिएटर्स शुरू हो गए जिसमें उनकी खुद की बनाई फ़िल्में दिनों तक चलाई जाती थी।
इन फिल्मों की लिस्ट में चार्ली चैंपियन, शोले और न जाने कितनी फ़िल्में शामिल है जिन्हें कई हफ्तों तक मालेगाँव के थिएटर्स में चलाया जाता था।
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