इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखने वाली इनफ्लुएंसर्स की चमक-दमक भरी ज़िंदगी जिससे सभी प्रेरणा लेते हैं, लेकिन कई बार इस दिखावटी सोशल ज़िंदगी की सच्चाई कुछ और ही होती है।
इसी कड़वी सच्चाई को दर्शाता शो “एप्पल साइडर विनेगर” को आज ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ कर दिया गया। जिसे आप इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी में भी देख सकते हैं, सीरीज़ में टोटल 6 एपिसोड दिखाए गए हैं जिनमें से हर एक की लेंथ तकरीबन 50 से 60 मिनट के भीतर है।
शो का डायरेक्शन और स्टोरी राइटिंग “सामंथा स्ट्रॉस” ने किया है जो इससे पहले बहुत सारे टीवी शोज़ की स्टोरी राइटिंग कर चुकी हैं। शो की कहानी मुख्य रूप से सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर के द्वारा कैंसर जैसी बड़ी बीमारी को ढाल बनाकर अपने करियर को आगे ले जाने के बारे में है।
शो की कहानी विस्तार में
स्टोरी मुख्य रूप से (बेल) ‘कैटिलिन डेवर’ और (मिला ब्लेक) ‘अलिसिया डेबनम-कैरी’ नाम के दो किरदारों के इर्द-गिर्द बुनी गई है,और ये दोनों ही पेशे से सोशल मीडिया से जुड़ी हुई हैं। पर दोनों में फर्क सिर्फ इतना है कि,एक लड़की इस बीमारी का फायदा उठा रही है’ तो वहीं दूसरी लड़की कैंसर के सामने सच में मजबूर है।
बेल जोकि एक काफी सामान्य फैमिली से आती है साथ ही ‘निथन’ के साथ शादी और एक बच्चे की माँ भी है। जिसे फेमस होने का काफी शौक है और लोगों से अपना काम निकलवाने का हुनर भी। अपना फेमस होने का सपना पूरा करने के लिए और अमीर बनने के लिए बेल खुद को ‘टर्मिनल ब्रेन कैंसर’ होने के झूठी खबर इंस्टाग्राम पर शेयर करती है।
जैसे-जैसे लोगों के बीच उसकी दुख भरी स्टोरीज़ पोस्ट के माध्यम से पहुँचती हैं वैसे-वैसे और भी ज़्यादा जनता इकट्ठी होती रहती है। इसी का फायदा उठाकर बेल खुद की ऑनलाइन ऐप ‘ऑर्गेनिक बेबी’ लॉन्च करती है, जिस पर ऑर्गेनिकली बहुत सी बीमारियों के उपचार मौजूद हैं जिनमें से एक कैंसर भी है।
हालांकि दुनिया के सामने बेल ऐसा जताती है कि वह उसे ऐप की सिर्फ एक यूज़र है, और कुछ दिनों के बाद ही कन्फर्म करती है कि उसका कैंसर जड़ से ठीक हो गया है, और अपनी बीमारी के ठीक होने का श्रेय वह इस ऐप को देती है, और दुनिया भर में बेल की यह ऐप छा जाती है और कुछ ही दिनों में सोशल मीडिया पर उसके 2.3 मिलियन फॉलोअर हो जाते हैं।
तो वहीं दूसरी ओर मिला है जो एक ब्लॉगर है, और अपना पर्सनल ब्लॉग ‘हेल टू वेल’ चलाती है। साथ ही मिला ने भी ऑर्गेनिक बेबी ऐप का सब्सक्रिप्शन ले रखा था। पर कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब उस एप्लीकेशन द्वारा बताई गई चीज़ों का इस्तेमाल करने के बावजूद भी उसके हाथ में ‘मेलिग्नेंट कैंसर’ जैसी गंभीर बीमारी हो जाती है।
अब मिला किस तरह से इस फर्ज़ी ऐप और इसकी मालिक बेल को दुनिया के सामने एक्सपोज़ करती है, इसी की कहानी शो में दिखाई गई है जिसे जानने के लिए आपको देखना होगा यह शो।
टेक्निकल एस्पेक्ट
जैसा कि आप जानते हैं या नेटफ्लिक्स का शो है जिस कारण इसकी प्रोडक्शन क्वालिटी में किसी भी तरह की कमी नहीं दिखाई देती है। इसकी सिनेमैटोग्राफी हो या फिर लोकेशंस सभी चीज़ें काफ़ी प्रीमियम क्वालिटी की नज़र आती हैं।
खामियाँ
शो की सबसे बड़ी कमी इसके एपिसोड की लंबाई है, भले ही दिखने में यह केवल 6 एपिसोड में ही समाप्त कर दिया गया हो, पर एपिसोड की लंबाई को काफ़ी ज़्यादा रखा गया है जिसे देखने में कई बार बोरियत महसूस होने लगती है। कहानी को थोड़ा कम डिटेल्स के साथ दिखाया जाता तो और भी ज़्यादा बेहतर हो सकता था।
अच्छाइयाँ
आजकल की लाइफ में जिस तरह से सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर द्वारा भ्रामक चीज़ों का प्रचार किया जाता है, ठीक उसी तरह की सच्चाई को उजागर करती कहानी आपको एप्पल साइडर विनेगर शो में देखने को मिलती है। भले ही इसकी लेंथ थोड़ी ज़्यादा लंबी खिंची खिंची लगती है पर फिर भी,कहानी आपको पूरी तरह से इंगेज करके रखती है। जिसमें हर एक डिटेलिंग काफ़ी अच्छे से दिखाई गई है।
निष्कर्ष
यदि आप रियल लाइफ ड्रामा और कहानियों से जुड़ी हुई फिल्में देखना पसंद करते हैं तो यह शो सिर्फ आपके लिए है,जिसमें नेटफ्लिक्स आपको पूरी तरह से प्रीमियम क्वालिटी प्रदान करता है।साथ ही इस शो को इंग्लिश के साथ-साथ हिंदी भाषा में भी रिलीज़ किया गया है, जिससे हिंदी ऑडियंस भी इसकी कहानी से पूरी तरह कनेक्ट कर पाए।
फिल्मीड्रिप रेटिंग: 5/3 ⭐ ⭐ ⭐
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