शो की कहानी ‘गोल्डी’ (भुवन अरोड़ा) और ‘विमल’ (पूजन छाबड़ा) दो भाइयों की जिंदगी पर आधारित है, जो कि प्रयागराज में स्थित संगम यूनिवर्सिटी के छात्र हैं। इसमें इनकी कॉलेज लाइफ पर मुख्य फोकस किया गया है। जहां पर एक भाई हर क्षेत्र में आगे रहता है, तो वहीं दूसरा भाई निरंतर पिछड़ता ही चला जाता है।
फिर चाहे बात हो क्लास में सबसे आगे रहने की, या फिर अच्छे दोस्तों की, सभी में बड़ा भाई पीछे ही रहता है। शो में ‘गोपाल दत्त’ जैसे सीनियर कलाकार भी नजर आते हैं, जिन्हें आपने टीवीएफ के प्रोडक्शन तले बनी कई वेब सीरीज में देखा होगा, जिनकी एक्टिंग की जितनी भी तारीफ की जाए उतनी कम है।
शो में सामाजिक परेशानियों को भी उजागर किया गया है, जिससे हर युवा अपने जवानी के दिनों में गुजरता है। इसे देखकर आप इसकी कहानी से खुद को जोड़ पाते हैं। कई बार यह वेब सीरीज दर्शकों को अपने पुराने दिन भी याद करने पर मजबूर कर देती है।
टेक्निकल एस्पेक्ट
शो का बैकग्राउंड म्यूजिक काफी शानदार है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिकायत नजर नहीं आती। बात करें कैमरा वर्क की, तो सभी सीन काफी ब्राइट और क्रिस्प नजर आते हैं, जिसमें इसे पूरे अंक दिए जा सकते हैं।
बात करें सीरीज की प्रोडक्शन क्वालिटी की, तो यह औसत है।
खामियां
इस वेब सीरीज की सबसे बड़ी कमी इसकी लंबाई है, जिसे 7 भागों में न रखकर 4 भागों में किया जा सकता था।
इसकी दूसरी सबसे बड़ी कमी कहानी का निष्पादन है, जो काफी ढीला है। जिसमें कॉमेडी सीन में भी ज्यादा हंसी नहीं आती।
सीरीज की तीसरी कमी इसका प्रोडक्शन है, जिसने ‘टीवीएफ’ जैसे प्रोडक्शन को कॉपी करने की कोशिश की है। और कुछ उसी अंदाज में शो को बनाया है, जो इसके लिए एक कमी है, जिससे यह शो अपनी पहचान खो देता है।
फाइनल वर्डिक्ट
अगर आपको हल्की-फुल्की नोकझोंक और भाईचारे वाली फिल्में देखना पसंद है, तो यह वेब सीरीज आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। हालांकि, इससे आपको ‘पंचायत’ सीरीज जैसा अनुभव तो देखने को नहीं मिलेगा।
लेकिन फिर भी आप इसे एक बार देख तो सकते हैं। क्योंकि एक फिल्म या वेब सीरीज को बनाने में काफी मेहनत लगती है, जिसका हमें सम्मान करना चाहिए।
हमारी तरफ से इस वेब सीरीज को दिए जाते हैं 3/5 ⭐।
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