प्यार, मोहब्बत और इश्क़ पर बॉलीवुड में बहुत सी फ़िल्में बनाई जा चुकी हैं। हमें ऐसा लगता है कि अब इस टॉपिक पर कुछ नया नहीं बनाया जा सकता, पर इस मिथ को तोड़ दिया है हाइवे लव के सीजन 2 ने। असल ज़िंदगी के प्यार-मोहब्बत में बहुत सी ऐसी चीज़ें होती हैं, जो फ़िल्मों में हमें देखने को नहीं मिलतीं। उदाहरण के लिए, क्या आपने कभी किसी फ़िल्म के हीरो को अपनी हीरोइन का रिचार्ज करवाते हुए देखा है? नहीं देखा न, पर ऐसा असल ज़िंदगी के प्यार में बहुत देखा गया है। इसी तरह की कुछ अलग हटकर हाइवे लव के सीजन 2 की ये सीरीज़ है, जिसे अमेज़न मिनी टीवी पर फ्री में देखा जा सकता है।
शो में हमें ऋत्विक सहोरे और गायत्री भारद्वाज की कहानी देखने को मिलती है। इश्क़ एक्सप्रेस नाम की एक सीरीज़ में भी ये जोड़ी हमें देखने को मिली थी। इन दोनों ने इश्क़ एक्सप्रेस में भी बेहतरीन काम किया था, जो दर्शकों के दिलों को छू गया था।
हाइवे लव के सीजन 1 में भी इन दोनों के काम को बहुत सराहा गया था। सीजन 2 की बात करें तो इन दोनों ने इश्क़ एक्सप्रेस और हाइवे लव के सीजन 1 से भी बेहतर प्रदर्शन किया है।
फ़िल्मी प्यार-मोहब्बत और असल ज़िंदगी के प्यार में ज़मीन-आसमान का फ़र्क होता है। पर हाइवे लव की कहानी को डायरेक्टर ने वास्तविक और असल ढंग से प्रस्तुत किया है। हर रिलेशन में हमें बहुत से ऐसे मोड़ देखने को मिलते हैं, जिनमें लोग जल्दबाज़ी में गलत निर्णय ले लेते हैं, फिर चाहे वजह जो भी हो।
वहीं दूसरी तरफ़ कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो चाहे जितनी भी कठिन परिस्थिति क्यों न हो, सही निर्णय लेने में दिमाग़ी रूप से मज़बूत होते हैं और ये अपने रिश्तों को बचाने में कामयाब रहते हैं।
हाइवे लव का सीजन 2 प्यार भरे रिश्तों के बीच बहुत से ट्विस्ट और टर्न और उनसे पड़ने वाले प्रभाव को बखूबी दिखाता है। बस यही एक चीज़ है, जो इस शो को दर्शकों के लिए ख़ास बनाती है।
शो को देखते वक़्त अनुमान नहीं लगाया जा सकता कि आगे क्या होने वाला है, ठीक वैसे ही जैसे हमें असल ज़िंदगी में नहीं पता होता कि हमारे साथ आगे क्या होगा।
कहानी
कहानी “ध्रुव” की है, जो सीधा-सादा, भोला-भाला, जिसका दिल उसकी शक्ल की तरह ही सॉफ़्ट और क्लीन है। इसके सामने है इनाया, जो कूल, बिंदास और नई सोच रखने वाली, ध्रुव के बिल्कुल विपरीत नेचर वाली लड़की है। ये दोनों एक दिन हाइवे पर मिलते हैं।
और यहीं से शुरू हो जाता है इन दोनों के बीच हाइवे लव, जिसमें आगे चलकर परिवार, नौकरी, दोस्त, करियर, लॉन्ग डिस्टेंस की वजह से बहुत सारे ट्विस्ट और टर्न देखने को मिलते हैं, जो इस सीरीज़ को मज़ेदार बनाते हैं।
कहानी कहीं पर हंसाती है और कहीं पर रुला भी देती है। बहुत से ऐसे सीन हैं, जो हमें असल ज़िंदगी में बहुत गहरी बातें सिखाते हैं। वो बातें हमारी असल ज़िंदगी में हमारी मदद भी कर सकती हैं।
परफ़ॉर्मेंस
ऋत्विक सहोरे और गायत्री भारद्वाज दोनों ने ही बहुत बेहतरीन एक्टिंग की है। इन दोनों के बीच की केमिस्ट्री इस शो के स्ट्रॉन्ग पॉइंट्स में से एक है। अगर आपने असल ज़िंदगी में कभी भी किसी से प्यार किया है, तो इन दोनों किरदारों से आप ख़ुद को जोड़कर देखेंगे। शो के बाक़ी लोगों ने भी अच्छे से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन प्रस्तुत किया है।
स्क्रीनप्ले
सीरीज़ का स्क्रीनप्ले स्ट्रॉन्ग है, कहीं पर भी ये सीरीज़ आपको बोर नहीं करती। कहानी शुरू से आख़िर तक रोमांचक बनी रहती है। हर एक एपिसोड के ख़त्म होने के टाइम पर एक ऐसा ट्विस्ट देखने को मिलता है, जिस कारण से हम अगला एपिसोड देखने के लिए मज़बूर हो जाते हैं।
निष्कर्ष
ये एक अच्छा शो है, जिसे देखा जा सकता है। सीजन 1 का रीकैप हम पहले एपिसोड में देख सकते हैं, इसलिए इसे देखने से पहले इसके सीजन 1 को देखने की कोई ज़रूरत नहीं पड़ती। ये शो अमेज़न मिनी टीवी पर फ्री में देखा जा सकता है। अमेज़न मिनी टीवी और एमएक्स प्लेयर, इन दोनों ओटीटी प्लेटफ़ॉर्म को आपस में जोड़ दिया गया है।
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