आमिर खान की बेटी इरा खान,जो की अभी 28 साल की है इरा ने फिटनेस कोच नूपुर शिखरे से 3 जनवरी 2024 को शादी की थी शादी से पहले लगभग पिछले 4 साल से ये दोनों एक दूसरे को डेट कर रहे हैं। इरा ने यूनिवर्सिटी कॉलेज यूट्रेक्ट नीदरलैंड्स में म्यूजिक और कला की पढ़ाई की थी बाद में इन्होंने अपना रुझान फिल्म मेकिंग की ओर किया।
इरा के पिता आमिर खान अभी चर्चाओं में हैं वजह यह है इन्होंने अपने 60वें जन्मदिन पर अपनी नयी गर्लफ्रेंड गौरी स्प्रैट से मीडिया को रूबरू करवाया। और साथ ही यह भी बताया की वो पिछले कई सालों से एक दूसरे को जानते हैं। गौरी स्प्रैट का 6 साल का एक बेटा है अभी वह सिंगल मदर है और आमिर खान की कंपनी ‘आमिर खान प्रोडक्शन’ में काम करती है वैसे रहने वाली यह बैंगलोर की है।
इरा खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बहुत जोरों से वायरल हो रहा है जब इरा खान अपने पिता आमिर खान से मिलने इनके घर पर पहुंची,कुछ वक्त साथ बिताने के बाद जब वह बाहर निकली तो इनका चेहरा देख कर ऐसा लग रहा था की वो किसी बात को लेकर थोड़ा उदास हैं इरा आमिर खान के गले लगी और गाड़ी में बैठ गयी,पपराजी के द्वारा ली गयी तस्वीरों में साफ दिख रहा है के इरा शायद रोई भी थी इरा खान काफी भावात्मक हैं।
जब एक बेटी अपने पिता से मिलती है और जो उसके दिल और दिमाग में चल रहा होता है वो अपने पिता से शेयर करती है तब इस मोमेंट पर भावुक होना स्वाभाविक बात है। पर क्या आप जानते हैं की इरा जिस बीमारी से बाहर निकली हैं अक्सर इस बीमारी से ग्रस्त लोग दूसरों की तुलना कुछ ज्यादा भावुक होते हैं।
इरा खान चार साल से ज्यादा डिप्रेशन की समस्या से जूझी
इरा ने इस बात का खुलासा 2020 में किया था की वो किस तरह की मेंटल समस्या से जूझी थी।इस मेंटल समस्या का नाम है क्लिनिकल डिप्रेशन,साइक्लिकल डिप्रेशन।
क्लिनिकल डिप्रेशन
verywellhealth के अनुसार यह एक ऐसी स्थिति होती है जब इंसान दुखी, निराश, खुशी का अनुभव नहीं कर पाता इससे शरीर में ऊर्जा की कमी हो जाती है भूख में भी कमी देखी जाती है। हर छोटी-छोटी बात में रोना आ जाना, किसी बात से जल्दी हर्ट होना, गुस्सा आना,नींद पूरी न होना, लोगों से दूर रहने लगना,अकेलापन ज्यादा पसंद करना।
ये प्रॉब्लम जेनेटिक भी हो सकती है अगर आपके परिवार में ऐसा किसी के साथ पहले हो चुका है तब यह आसानी से परिवार के दूसरे सदस्य में हो सकता है। अगर बचपन में आप किसी बुरे दौर से गुजरे हों जिसे भुला नहीं पा रहे हों तब इस तरह के डिप्रेशन की उपस्थिति दर्ज कराई जाती है।
साइक्लिकल डिप्रेशन
यह डिप्रेशन की ऐसी स्थिति है जो साल में एक दो बार आती है और कुछ टाइम रहती है फिर अपने आप समाप्त हो जाती है। इसके सिम्टम्स भी क्लिनिकल डिप्रेशन के जैसे ही होते हैं। मन उदास रहना, रोना आना,किसी बात को लेकर गहराई तक जाना,उसी बात को दिन रात सोचते रहना।लूप में बार बार एक बार नहीं हजार बार. चाह कर भी उससे पीछा न छुड़ा पाना।
यह मेरा पर्सनल एक्सपीरियंस है, क्योंकि मैं भी इस तरह के डिप्रेशन से पिछले 20 सालों से जूझ रहा हूँ। अगर कभी भी ऐसा महसूस हो, तो तुरंत अपने करीबी दोस्त या परिवार के सदस्य से साझा करें। बिना घबराए, अगर संभव हो तो किसी अच्छे डॉक्टर से परामर्श ज़रूर लें।
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