अमेरिकन प्राइमवेल (American Primeval) नाम की सीरीज नेटफ्लिक्स पर रिलीज हो चुकी है। यह एक लिमिटेड शो है, जो 6 एपिसोड के साथ रिलीज किया गया है, जिनकी समय अवधि करीब 50 मिनट है।
इसका सीजन 2 देखने को नहीं मिलेगा, क्योंकि इसी सीजन में यह सीरीज पूरी तरह से खत्म हो जाती है। अमेरिकन प्राइमवेल की कहानी 19वीं शताब्दी की है, जब अमेरिका काफी पिछड़ा हुआ था। यह वह समय था, जब दुनिया में टेक्नोलॉजी की बहुत कमी थी या कहें कि थी ही नहीं। 19वीं सेंचुरी में घोड़ों और गाड़ियों का इस्तेमाल होता था, और इस शो में भी हमें कार या प्लेन की जगह घोड़े और गाड़ियां ही देखने को मिलती हैं।
कहानी
कहानी वहां से शुरू होती है, जब अमेरिका एक राष्ट्र बनने की कोशिश कर रहा था। इस दौरान अमेरिका को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था। एक सिविल वॉर जैसा परिदृश्य चल रहा था, जहां कोई किसी की नहीं सुन रहा था। फिर भी, इन सब पर नियंत्रण करने की कोशिश की जा रही थी।
इसी बीच कहानी में एक मां दिखाई गई है, जो अपने बच्चों को लेकर अपने पति के पास जाना चाहती है। उसका पति कई सालों से काम के सिलसिले में कहीं दूर गया हुआ है। अब इस महिला को एक ऐसे व्यक्ति की तलाश है, जो उसे उसके पति तक पहुंचा सके।
मोटे तौर पर अगर इस सीरीज को समझना हो, तो शाहरुख खान की फिल्म शक्ति: द पावर से इसकी तुलना की जा सकती है। जिस तरह उस फिल्म में शाहरुख खान, करिश्मा कपूर की मदद करते हैं, वैसे ही इस सीरीज में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिलता है।
मुख्य कलाकार और उनके प्रदर्शन
कैरेक्टरों ने अपने डायलॉग को कैमरा एंगल के साथ जूम इन-जूम आउट करके जिस तरह से प्रस्तुत किया है, वह शानदार है। सभी कैरेक्टरों ने खुद को 19वीं सदी के हिसाब से ढाला है, जिसे देखना काफी रोचक है। टेलर किट्सच – आइज़ैक के रूप में, बेटी गिलपिन – सारा रोवेल के रूप में, और किम कोट्स – ब्रिघम यंग के किरदार में बेहतरीन काम करते नजर आ रहे हैं।
शो की विशेषताएं
1947 के भारत की बात करें, तो यहां भी धर्म के नाम पर बंटवारा हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान गई थी। इस बंटवारे को गदर जैसी फिल्मों में दिखाया गया है। लेकिन उस समय कुछ अच्छे लोग भी थे, जिन्होंने बिना किसी जाति-धर्म के भेदभाव के एक-दूसरे की मदद की थी।
जैसे गदर में तारा सिंह की एंट्री होती है, जो सकीना को बचाता है और उसे पाकिस्तान ले जाता है, वैसे ही इस सीरीज में भी एक व्यक्ति की एंट्री होती है। लेकिन इसे ड्रामेटिक तरीके से पेश न करके एकदम वास्तविक रखा गया है। क्रूरता से भरे दृश्यों को इतने सामान्य तरीके से दिखाया गया है कि लगता है, वाकई में ऐसा ही हुआ होगा। यह सीरीज सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई कैरेक्टरों की कहानी दिखाती है।
जिस तरह से इतिहास के पन्नों को इस सीरीज में खोला गया है, वह बेहद सटीक है। शो के लिए की गई रिसर्च हर डिटेल में झलकती है। यह दिखाया गया है कि कैसे मिशनरी अपने प्रभुत्व को कायम करना चाहते थे और विभिन्न समुदाय अपने दबदबे को बनाए रखना चाहते थे। शो में यह भी दिखाया गया है कि उस समय अमेरिकी लोग स्वच्छता पर ज्यादा ध्यान नहीं देते थे और गरीबी में रहते थे।
छोटी-छोटी डिटेल्स पर भी इस सीरीज में बहुत काम किया गया है, जैसे कि मूल अमेरिकी लोग अपने मृतकों को दफनाने की बजाय जलाते थे।
फिल्म की कमजोरियां और आलोचना
शो के पुराने परिवेश के कारण यह पूरी सीरीज एडल्ट श्रेणी में आती है, क्योंकि उस समय महिलाओं की ज्यादा इज्जत नहीं की जाती थी। यही वजह है कि आप इसे अपने परिवार के साथ बैठकर नहीं देख सकते। अगर आपका दिल कमजोर है, तो इस सीरीज से दूर रहें, क्योंकि इसमें कुछ ऐसे क्रूर दृश्य हैं, जो हर किसी के लिए देखना आसान नहीं है।
सिनेमैटोग्राफी
प्रोडक्शन वैल्यू अच्छी होने के कारण शो की सिनेमैटोग्राफी शानदार है। यह सीरीज हमें उसी दौर में ले जाती है, जहां यह सब हुआ था। कलर ग्रेडिंग और कैरेक्टर डिजाइन भी उसी दौर के हिसाब से किए गए हैं, जिससे यह सीरीज एकदम वास्तविक लगती है। शो के विजुअल्स भी काफी अच्छे हैं। अगर आपको इतिहास को उजागर करने वाली सीरीज पसंद हैं, तो यह आपको जरूर पसंद आएगी।
निष्कर्ष
सीरीज का सबसे बड़ा प्लस पॉइंट है इसकी कहानी, जो शुरू से अंत तक आपको बांधे रखती है। यह सीरीज शुरू से ही तेज रफ्तार में चलती है, जिसकी कहानी देखने में मजा आता है। सभी एक्टर अपने इमोशंस से आपको जोड़कर रखते हैं, जिससे यह सीरीज कई जगहों पर भावुक भी हो जाती है।
कहानी में एक अमेरिकी सेना का कप्तान दिखाया गया है, जो अपनी बटालियन को संभालता है। इस कैरेक्टर से आप भावनात्मक रूप से जुड़ जाते हैं। यह जानने के लिए कि आप इससे क्यों जुड़ते हैं, आपको यह शो नेटफ्लिक्स पर हिंदी में देखना होगा। फिल्मी ड्रिप की ओर से इस सीरीज को 5 में से 3.5 स्टार दिए जाते हैं।
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