जोजू जॉर्ज की पानी मलयालम फिल्मों की एक्शन थ्रिलर है। इसे सिनेमा घर में 24 अक्टूबर 2024 को रिलीज किया गया था, और बॉक्स ऑफिस पर इसने तगड़ी कमाई करके 36 करोड़ का कलेक्शन किया।
अब यह सोनी लिव की ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हिंदी डब्ड के साथ उपलब्ध करा दी गई है। यह एक रिवेंज ड्रामा फिल्म है। आइए जानते हैं कैसी है यह फिल्म क्या आपके टाइम को डिजर्व करती है या नहीं।
पानी मूवी रिव्यू
कहानी डॉन और सीजू नाम के दो लड़कों पर आधारित है। यह दोनों लड़के पूरी तरह से आवारा होते हैं। उनके पास कोई भी काम नहीं होता है। अब 10 लाख कमाने के लिए यह एक कांट्रैक्ट किलर का काम ले लेते हैं। यह दोनों मिलकर दिन दहाड़े एक एटीएम में हत्या को अंजाम देते हैं। हत्या करने के बाद यह दोनों पुलिस के सामने अजीब सा नाटक करते हैं। जिसका आपको यह फिल्म देख कर ही पता लगाना होगा।
इसी शहर में तरह-तरह के और भी पावरफुल क्रिमिनल ग्रुप हैं। अब जीजू को बदला लेना है इन दो कॉन्ट्रैक्ट किलर से। बदला इतना विकराल रूप ले लेगा ऐसा किसी ने सोचा भी ना था। जोजू जॉर्ज ने फिल्म में एक भी डायलॉग बोले बिना इतना शानदार परफॉर्मेंस दिया है जो एक अलग लेवल का फील देता है।
डॉन और सीजू मिलकर जिस तरह से हत्याएं करते हैं वह बहुत ब्रूटली ढंग से पेश किया गया है। एक इंसान को जानवर बनते दिखाया है सीजू और डॉन के कैरेक्टर में।
2 घंटे 21 मिनट की फिल्म में क्या हमारा हीरो अपना बदला ले पाता है या नहीं यह सब जानने के लिए आपको यह फिल्म सोनी लिव के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर जाकर हिंदी डब्ड के साथ देखनी होगी।
पॉजिटिव और नेगेटिव पॉइंट
कहानी में बहुत ज्यादा नयापन तो नहीं है। इस तरह की कहानी पहले भी बहुत बार देखी जा चुकी हैं। पर फिर भी इसका प्रेजेंटेशन बहुत अच्छे से किया गया है जो इसको नया बना देता है। फिल्म का पहला हिस्सा दर्शकों को पूरी तरह से खुद से जोड़ कर रखता है। जिससे उत्सुकता बनी रहती है इंटरवल के बाद की कहानी जानने की। इंटरवल के बाद की फिल्म भी पूरी तरह से इंगेजिंग बनी रहती है।
जोजू जॉर्ज की ये डायरेक्शन डेब्यू फिल्म है और उन्होंने या प्रूफ कर दिया कि वह एक्टिंग के साथ डायरेक्शन के क्षेत्र में भी आगे बढ़ सकते हैं। पानी की दुनिया में आप पूरी तरह से खो जाते हैं। स्क्रीन प्ले को इतना मजबूत रखा गया है कि आपके मन में उत्सुकता बनी रहती है कि हर कैरेक्टर के साथ ऐसा क्यों और कैसे हो रहा है।
जोजू ने अपने काम को बहुत अच्छे से किया। साथ ही जो दो कैरेक्टर हैं विलेन के रूप में सागर सूर्य और जुनैज इन्होंने अपनी एक्टिंग की जबरदस्त परफॉर्मेंस दी है। नेगेटिव पॉइंट की बात की जाए तो यह फिल्म लॉजिकल बिल्कुल भी नहीं है। हर चीज इन लॉजिकल दिखाई गई।
बहुत से सीन बिना मतलब बिना सर पैर के दिखाए गए हैं जो देखकर लगता है कि इनको क्यों दिखाया जा रहा है। जिस तरह से इसने अपने पहले भाग में दर्शकों को कन्वेंस किया वह दूसरे पार्ट में उतना अच्छा साबित नहीं हुआ।
टेक्निकल एक्सपेक्ट
फिल्म का बीजीएम कलर ग्रेडिंग सिनेमाटोग्राफी डिसेंट है। हर सीन को रियलिस्टिक बनाने के लिए कैमरा एंगल को बहुत अच्छे से इस्तेमाल किया गया हैं। गिरी की मां का जो फाइट सीक्वेंस दिखाया गया है सिनेमैटोग्राफी और कैमरा वर्क से इस सीन को बहुत ही शानदार बनाया गया है।
निष्कर्ष
आईएमडीबी की तरफ से इसे 6.9 की रेटिंग मिली है। एक अच्छे क्लाइमैक्स के साथ इसे देखा जा सकता है। फ़िल्मीड्रिप की ओर से इसे दिए जाते हैं पांच में से तीन स्टार। फिल्म की सबसे अच्छी बात यह है कि इसे आप फैमिली के साथ बैठकर देख सकते हैं।
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