फाजिल रजाक द्वारा लिखित और निर्देशित फिल्म जिसमें आपको एक ऐसी लेडी की कहानी देखने को मिलेगी जो समाज में रह रही महिलाओं के लिए एक बड़ा उदाहरण खड़ा करती है।
किस प्रकार जीवन में आई परेशानियों से निपटने के लिए एकमात्र उपलब्ध रास्ता चुनती है जो भले ही कठिनाइयों से भरा हुआ है लेकिन उसकी परेशानियों को खत्म करने का एकमात्र रास्ता है।
थडावू फिल्म कास्ट:
इस ड्रामा फिल्म में आपको बिना आर चंद्रन, एम एन अनीता, पीपी सुब्रमण्यम, ईसहाक मुसाफिर और वप्पू जैसे बेहतरीन कलाकारों की एक्टिंग देखने को मिलेगी।
फिल्म की कहानी के लेखक और निर्देशक है फाजिल रजाक जिसे प्रोड्यूस करने का काम किया है प्रमोद देव ने। सिनेमैटोग्राफी मृदुल एस की देखने को मिलेगी जिसे एफ आर प्रोडक्शंस और बंच ऑफ़ कोकोनट प्रोडक्शन हाउस के द्वारा प्रोड्यूस किया गया है।
डेढ़ घंटे के रनिंग टाइम वाली इस फिल्म को 29 अक्टूबर 2023 को (mami) इनिशियली रिलीज किया गया था अब यह फिल्म 21 फरवरी 2025 में रिलीज़ कर दी गई है।
फिल्म की कहानी का संदेश:
सालों पहले बनी यह फिल्म जिसे कई अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में रिलीज करने के बाद अब थिएटर में रिलीज कर दिया गया है, इस फिल्म को लोगों के द्वारा बहुत प्यार मिल रहा है क्योंकि फिल्म की कहानी विशेष रूप से समाज में मौजूद महिलाओं को एक बड़ा मैसेज देती है
कि अगर तुम गरीबी के कारण असफल हो और कोई चारा नहीं है सरवाइव करने के लिए, तब अगर कोई ऐसा काम जो भले ही अपराध की श्रेणी में आता हो लेकिन उसे करने के बाद आपको सीधी राह और एक बार फिरसे इंजॉय करने के लिए एक मौका दे सके तो ज़रूर आपको नेक मकसद से उस गलत कदम को उठाना चाहिए। लेकिन शर्त ये है कि उससे किसी को आघात न पहुंचे।
मलयालम भाषा में बनी ये फिल्म जिसका प्रोडक्शन एफ आर प्रोडक्शन हाउस के द्वारा किया गया है, लंबे इंतजार के बाद 21 फरवरी 2025 को थिएटर में रिलीज कर दी गई है। फिल्म की शूटिंग पलक्कड़ केरल में की गई है।
आईए जानते हैं कैसी है, लम्बे इंतेज़ार के बाद रिलीज हुई इस फिल्म कि कहानी जिसे कई अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में नॉमिनेट किया जा चुका है।
थडावू फिल्म स्टोरी:
फिल्म की कहानी की शुरुआत गीता नाम की लेडी से होती है जिसका करैक्टर बीना आर चन्द्रन के द्वारा प्ले किया गया है।गीता एक स्कूल टीचर है जिसे अपने जीवन में अकेले कई कठिनाइयों को फेस करना पड़ता है।
गीता ने अपने जीवन में दो बार डायवोर्स का सामना किया है जिसकी वजह से गीता गहरे डिप्रेशन से गुजर रही है। गीता का डिप्रेशन इतना ज्यादा बढ़ जाता है कि एक जानलेवा बीमारी का रूप ले लेता है।
इस फिल्म में गीता की एक बेटी और हस्बैंड भी दिखाया गया है जो उसपर बहुत अत्याचार करता है। गीता कि बीमारी ऐसी है कि उसे पानी से दूर रहना है और उसकी बेटी गीता को फोर्स करती है स्विमिंग सिखाने के लिए। गीता अंदर ही अंदर से पूरी तरह से टूट जाती है जिसके बाद एक ऐसा फैसला करती है जिसके बाद उसकी पूरी जिंदगी बदल जाती है
दरअसल अपनी बीमारी को हील करने के लिए वो एक क्राइम करने का फैसला करती है ताकि जेल जाकर वो अपनी बीमारी का इलाज कर सके क्योंकि वह खुद या फिर उसका पति इस लायक नहीं है के उसकी बीमारी का इलाज कर सके।
निष्कर्ष:
आईएमडीबी पर 8.7 स्टार की रेटिंग वाली, मलयालम लैंग्वेज में बनी इस फिल्म को थिएटर्स में रिलीज कर दिया गया है जिसे आप एक बार जरूर ट्राई कर सकते हैं एक अच्छे एक्सपीरियंस के लिए।जो आपको एंटरटेनमेंट के साथ-साथ मोटीवेट भी करती है।
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