फिल्मफेयर के ओटीटी अवार्ड्स की घोषणा कर दी गई है। इम्तियाज़ अली के निर्देशन में बनी फिल्म अमर सिंह चमकीला ने इन अवार्ड्स में बाज़ी मारी है। फिल्मफेयर अवार्ड्स एक प्रतिष्ठित पुरस्कार माने जाते हैं।
नेशनल अवार्ड्स की तरह ही फिल्मफेयर अवार्ड्स की शुरुआत 1954 में की गई थी। ये दोनों ही अवार्ड्स भारतीय फिल्म इंडस्ट्री के लिए ऐतिहासिक महत्व रखते हैं।
1954 में फिल्मफेयर का पहला अवार्ड दो बीघा ज़मीन को दिया गया था। फिल्मफेयर अवार्ड्स बहुत ही प्रतिष्ठित पुरस्कार कहलाते हैं। पहले ये सिर्फ़ सिनेमाई फिल्मों को दिए जाते थे, पर अब ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के आने के बाद ये अवार्ड्स ओटीटी शोज़ और फिल्मों को भी दिए जाने लगे हैं।
इम्तियाज़ अली के निर्देशन में बनी अमर सिंह चमकीला 12 अप्रैल 2024 को नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी। 2 घंटे 26 मिनट की इस फिल्म ने फिल्मफेयर के 10 ओटीटी अवार्ड्स जीते हैं।
1- अमर सिंह चमकीला फिल्म के लीड एक्टर में हमें दिलजीत दोसांझ देखने को मिले थे। इन्हें इस फिल्म के लिए फिल्मफेयर की ओर से बेस्ट एक्टर का अवार्ड दिया गया है।
2- अमर सिंह चमकीला को डायरेक्ट किया था इम्तियाज़ अली ने, और इम्तियाज़ अली को फिल्मफेयर अवार्ड्स की ओर से बेस्ट डायरेक्टर का अवार्ड दिया गया है।
3- बेस्ट ओटीटी फिल्म का फिल्मफेयर अवार्ड अमर सिंह चमकीला को दिया गया है।
4- साजिद अली और इम्तियाज़ अली को अमर सिंह चमकीला के लिए फिल्मफेयर की ओर से बेस्ट डायलॉग राइटर का अवार्ड दिया गया है।
5- बेस्ट सिनेमैटोग्राफी का अवार्ड सिल्वेस्टर फॉन्सेका को दिया गया है।
6- बेस्ट एडिटिंग का अवार्ड आरती बजाज को दिया गया है।
7- अमर सिंह चमकीला के लिए बेस्ट म्यूज़िक का अवार्ड ए.आर. रहमान को मिला है।
8- बेस्ट बैकग्राउंड म्यूज़िक का अवार्ड भी ए.आर. रहमान ने ही जीता है।
9- बेस्ट साउंड डिज़ाइन का अवार्ड धिमान कर्माकर को मिला है।
10- इम्तियाज़ अली और साजिद अली को अमर सिंह चमकीला के लिए बेस्ट स्क्रीनप्ले का अवार्ड मिला है।
क्या खास था अमर सिंह चमकीला में
इस फिल्म को ओटीटी पर ज़रूर रिलीज़ किया गया था, पर यह फिल्म सिनेमाघरों में आने वाली फिल्मों से कम नहीं थी। चमकीला फिल्म ने एक शख्स की ज़िंदगी को सचमुच जिया है।
यह मसाला एंटरटेनमेंट फिल्म नहीं थी, बल्कि एक वास्तविक ज़िंदगी से प्रेरित थी। यह फिल्म ओटीटी पर तब आई थी, जब बड़े मियाँ छोटे मियाँ और मैदान जैसी फ़िल्में सिनेमाघरों में असफल हो रही थीं।
तब ओटीटी पर अमर सिंह चमकीला को बहुत प्यार मिला था। अगर आपने चमकीला जैसा कंटेंट देखा होगा, तो आपको इस तरह की फिल्में देखने का नशा हो जाएगा। चमकीला फैक्ट्री में मोज़े बनाते-बनाते संगीत बनाना सीख जाता है। पर इसके साथ समस्या तब आती है, जब इसके लिए संगीत लोगों तक पहुँचना इतना आसान नहीं होता।
चमकीला के लिखे हुए गानों को गाकर बहुत सारे सिंगर्स सुपरस्टार बन गए थे। फिर एक दिन, जब चमकीला के हाथ में माइक आता है, तो सामने बैठी हुई भीड़ चमकीला को संगीत का बादशाह बना देती है। अगर आपने भी चमकीला फिल्म को अभी तक नहीं देखा है, तो यह फिल्म नेटफ्लिक्स के ओटीटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
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