देव इंटरटेनमेंट वेंचर्स और सुरिंदर फिल्म्स प्रोडक्शन हाउस के द्वारा बनाई गई एक बंगाली फिल्म, खदान, 20 दिसंबर 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज की गई है।
इस फिल्म में आपको एक्शन के साथ खूब सारा ड्रामा देखने को मिलता है। बंगाल के एक बेहतरीन कलाकार “देव” इसके मुख्य कलाकारों में शामिल हैं, जिन्होंने कबीर, माउंटेन ऑफ द मून, सांझबाती, किशमिश जैसी बेहतरीन फिल्में बंगाली फिल्म इंडस्ट्री को दी हैं।
ये न सिर्फ एक एक्टर हैं, बल्कि इन्होंने कई सारी फिल्मों को प्रोड्यूस भी किया है। अगर आप देव के फैन हैं, तो खदान फिल्म आपके लिए है, जिसमें आपको खूब सारा एक्शन, सस्पेंस, मिस्ट्री के साथ ड्रामा देखने को मिलेगा।
खदान फिल्म के डायरेक्टर हैं सुजीत दत्ता, और इस फिल्म की कहानी को लिखा है बिस्वरूप बिस्वास ने। देव और रोहित डे के साथ मुख्य कलाकारों में आपको जीशु सेनगुप्ता, सौर्या आफरीन, जॉन भट्टाचार्य, बरखा बिस्वास, स्नेहा बोस आदि कलाकार देखने को मिलेंगे।
कहानी
फिल्म की कहानी की शुरुआत श्याम और मोहन नाम के दो दोस्तों से होती है, जो कोयले की खदान में काम करने के लिए आए हुए हैं।
कहानी मुख्य रूप से फिल्म के मुख्य किरदार श्याम की पर्सनल लाइफ से जुड़ी हुई है। अपने घर से बहुत दूर, उसे कोयले की खदान में काम करने के लिए जाना पड़ता है। यह काम कई तरह की चुनौतियों और मुश्किलों से भरा होता है।
फिल्म में आपको देखने को मिलेगा कि श्याम इन सब चीजों को किस तरह से हैंडल करता है। इसके साथ ही आपको श्याम की दिलचस्प प्रेम कहानी भी देखने को मिलेगी, जो फिल्म को और भी ज्यादा इंट्रेस्टिंग बनाती है। कहानी में हीरो से ज्यादा विलेन का रोल प्रभावी है।
अब क्या श्याम कोयले की खदान से सुरक्षित बाहर निकलकर अपने प्यार को पाने में कामयाब रहता है, ये सब जानने के लिए आपको इस फिल्म को देखना होगा।
टेक्निकल एस्पेक्ट
फिल्म की प्रोडक्शन क्वालिटी काफी अच्छी है। जिस तरह के सीन और लोकेशन इसमें देखने को मिलेंगे, वह आपको बहुत ज्यादा पसंद आने वाले हैं। फिल्म का स्क्रीनप्ले से लेकर बीजीएम, डायलॉग, कैरेक्टर परफॉर्मेंस, कलर ग्रेडिंग, सिनेमैटोग्राफी, सब कुछ परफेक्ट है।
पॉजिटिव और निगेटिव पॉइंट
इसके सभी एक्शन सीक्वेंस दमदार हैं। मुख्य किरदार देव, जो ज्यादातर एक्शन फिल्मों के लिए ही जाने जाते हैं, इस फिल्म में भी आपको उनके दमदार एक्शन सीन के साथ कुछ आकर्षक यूनिक डायलॉग और सिम्बॉलिक सीन देखने को मिलते हैं, जैसे कि फिल्म में दिखाया जाने वाला सिगरेट वाला एक सीन, जो भले ही जवान फिल्म की कॉपी है, लेकिन वह सीन जवान से कहीं ज्यादा मजा देता है।
लतिका (इधिका पाल) और श्याम (देव) के बीच की केमिस्ट्री इतनी ज्यादा अच्छी नहीं है, जो आपके एक्सपेक्टेशन पर खरी उतरे। इसके एक्शन के आगे दिखाई गई लव स्टोरी बहुत ज्यादा दमदार नहीं है।
निष्कर्ष
अगर आप एक्शन लवर हैं, तो यह फिल्म जरूर देखें, लेकिन अगर आपको फिल्म में दिल को छू लेने वाला लव एंगल चाहिए, तो यह फिल्म आपको निराश करने वाली है। यह फिल्म फैमिली फ्रेंडली है, जिसे आप अपनी फैमिली के साथ बैठकर देख सकते हैं। फिल्म की पूरी कहानी जानने के लिए आपको 2 घंटे 17 मिनट देना होगा। हमारी तरफ से इस फिल्म को दिए जाते हैं पांच में से चार स्टार।
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